ईरान ने यूएई के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने ईरान की कड़ी निंदा की है। सऊदी सरकार ने साफ कहा है कि वह यूएई की सुरक्षा और संप्रभुता को बचाने के लिए हर कदम पर उसके साथ खड़ा है। इस हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।

UAE में ईरान के हमले में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?

UAE रक्षा मंत्रालय के अनुसार 4 मई 2026 को ईरान की तरफ से 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन दागे गए। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी को हवा में ही रोक लिया। हालांकि, फुजैरह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में इस हमले की वजह से तीन लोग घायल हो गए। सुरक्षा कारणों से 11 मई 2026 तक हवाई क्षेत्र (airspace) में पाबंदियां लगाई गई थीं।

सऊदी अरब और अन्य देशों ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की। सऊदी ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों का पालन करने की अपील की है। यूएई के अलावा कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने भी इस हमले को गलत बताया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहले ही प्रस्ताव 2817 के जरिए ईरान की ऐसी हरकतों को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा माना था।

आम लोगों और प्रवासियों पर इस तनाव का क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा और स्थिरता सबसे जरूरी है। यूएई सरकार ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और जरूरत पड़ने पर जवाब देने का अधिकार रखती है। व्यापार को चालू रखने के लिए अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया है ताकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे और सामानों की सप्लाई न रुके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने यूएई पर हमला कब किया?

ईरान ने 4 और 5 मई 2026 के बीच यूएई के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

सऊदी अरब ने इस हमले पर क्या कहा?

सऊदी अरब ने इस हमले की कड़ी निंदा की और यूएई की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है।