खाड़ी देशों में तनाव का माहौल गहरा गया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ईरान की बढ़ती गतिविधियों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। 12 जुलाई 2026 को जारी बयान में सऊदी सरकार ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन और समुद्री व्यापार में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
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ईरान के हमलों से कई देश प्रभावित
ईरान के हमलों का असर केवल एक देश तक सीमित नहीं रहा है। कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान और जॉर्डन ने भी ईरान के हमलों की निंदा की है। ओमान में ड्रोन हमले की पुष्टि हुई है, जबकि जॉर्डन की सीमा में तीन मिसाइलें गिरी हैं। UAE ने अपनी सीमाओं के पास मिसाइल खतरे को डिटेक्ट किया है। इसके अलावा, होरमुज जलडमरूमध्य में साइप्रस के जहाज M/V GFS Galaxy पर हुए हमले के बाद ईरान ने इस रास्ते को बंद करने का ऐलान किया है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तनाव कम करने की कोशिशें जारी
इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते को समाप्त करने की घोषणा की है, हालांकि बातचीत की गुंजाइश अभी भी बनी हुई है। इससे पहले 11 जुलाई को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री के साथ फोन पर बात की थी और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की थी। फिलहाल अमेरिका ईरान से होरमुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए खोलने और जहाजों पर हमले रोकने की मांग कर रहा है।
