सऊदी अरब ने ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय और किंग सलमान की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने इस मुद्दे पर एक कड़ा बयान जारी किया है। सऊदी अरब ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और कहा है कि ऐसी हरकतें पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुँचाती हैं।
जानकारी के मुताबिक 28 जून 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन और कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। ईरान ने यह कदम अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में उठाया। इसके साथ ही ईरानी शासन ने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत को पूरी तरह से रोकने की धमकी भी दी है।
सऊदी अरब ने इन हमलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के खिलाफ है। सऊदी अरब ने साफ़ तौर पर कहा है कि वह कुवैत और बहरीन के साथ खड़ा है और अपनी संप्रभुता और सुरक्षा बचाने के लिए इन देशों द्वारा उठाए गए किसी भी कदम का पूरा समर्थन करेगा।
हमलों के अलावा सऊदी कैबिनेट ने Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) में जहाजों की सुरक्षा और आने-जाने की आज़ादी को लेकर दी गई धमकियों की भी निंदा की है। यह समुद्री रास्ता व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी है और यहाँ किसी भी तरह की असुरक्षा का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
