सऊदी अरब ने कुवैत के अहम ठिकानों पर ईरान और उसके गुर्गों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। सऊदी सरकार ने साफ किया है कि वह कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम का समर्थन करेगी।

कुवैत में ईरान ने कहाँ और कैसे किया हमला?

ईरान और उसके समर्थकों ने कुवैत के कई जरूरी ठिकानों को निशाना बनाया। 30 मार्च 2026 को कुवैत के सशस्त्र बलों के कैंप और पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination plant) पर हमला हुआ, जिसमें कई कर्मचारी घायल हुए। सऊदी अरब ने इसे ईरान का हमलावर रवैया बताया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ सकता है और शांति खतरे में पड़ सकती है।

संयुक्त राष्ट्र और दुनिया का इस पर क्या कहना है?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च 2026 को प्रस्ताव 2817 पास किया। इसमें ईरान द्वारा GCC देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई। इस फैसले में 13 देशों ने सहमति जताई, जबकि चीन और रूस ने वोट नहीं दिया। संयुक्त राष्ट्र ने ईरान से अपने प्रॉक्सी ग्रुप्स को रोकने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की मांग की है।

खाड़ी देशों की सुरक्षा और आपसी तालमेल

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और कुवैत के क्राउन प्रिंस ने इस मुद्दे पर खास चर्चा की है। दोनों नेताओं ने कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए आपसी तालमेल बढ़ाना अब बहुत जरूरी हो गया है। कुवैत के क्राउन प्रिंस ने यह भी कहा कि किसी भी खाड़ी देश पर हमला कुवैत पर हमला माना जाएगा।

तारीख प्रमुख घटना
11 अप्रैल 2026 सऊदी विदेश मंत्रालय ने कुवैत पर हमलों की निंदा की
30 मार्च 2026 कुवैत के मिलिट्री कैंप और वॉटर प्लांट पर हमला हुआ
26 मार्च 2026 UNHRC ने GCC देशों पर हमलों की निंदा की
11 मार्च 2026 UN सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पास किया
06 मार्च 2026 सऊदी और कुवैत के क्राउन प्रिंस ने सुरक्षा पर बात की
28 फरवरी 2026 UAE, बहरीन और कुवैत पर हमलों की निंदा की
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com