सऊदी अरब ने राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास (US Embassy) पर हुए ड्रोन हमले पर सख्त नाराजगी जताई है। मंगलवार, 3 मार्च 2026 को सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, जिससे इमारत को हल्का नुकसान पहुंचा है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि इस तरह की हरकतें क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती हैं।

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हमले को लेकर क्या जानकारी सामने आई है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, रियाद के डिप्लोमेटिक क्वार्टर में स्थित अमेरिकी दूतावास की इमारत को निशाना बनाया गया। हमले के कारण एक सीमित आग लग गई और इमारत को मामूली नुकसान हुआ, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सऊदी एयर डिफेंस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रियाद और अल-खर्ज के पास आठ अन्य ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

सुरक्षा को देखते हुए अमेरिकी मिशन ने 3 मार्च के लिए अपने सभी रूटीन और इमरजेंसी अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही रियाद, जेद्दा और दम्माम में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने (Shelter-in-Place) की सलाह दी गई है। सऊदी में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय समाचारों पर नजर रखने को कहा गया है।

सऊदी अरब ने अपने बयान में क्या कहा?

सऊदी विदेश मंत्रालय ने हमले को ‘कायरतापूर्ण’ और ‘अमानवीय’ बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला 1949 के जिनेवा कन्वेंशन और 1961 के वियना कन्वेंशन का सीधा उल्लंघन है, जो युद्ध के समय भी राजनयिक इमारतों को सुरक्षा देते हैं।

  • सऊदी अरब ने कहा कि वह अपनी धरती या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देगा, लेकिन इसके बावजूद ईरान का यह व्यवहार गलत है।
  • बयान में चेतावनी दी गई है कि अगर ईरान ने अपनी आक्रामकता जारी रखी, तो इससे क्षेत्र में हालात और बिगड़ेंगे।
  • सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा, नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा है।