सऊदी अरब की सरकार ने ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 14 जुलाई 2026 को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ईरान के इन कदमों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया। सऊदी सरकार ने स्पष्ट कहा है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सीधा उल्लंघन हैं।
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क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंता
सऊदी विदेश मंत्रालय ने हाल के दिनों में कई कूटनीतिक चर्चाएं की हैं। विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने 12 जुलाई को कतर, ओमान, बहरीन और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बात की और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की। इसके बाद 14 जुलाई को उन्होंने इटली के विदेश मंत्री के साथ भी बातचीत की। वहीं, कुवैत के उप विदेश मंत्री अंबेसडर हमद अल-मशान ने भी ब्रुसेल्स में आयोजित एक फोरम में इन उल्लंघनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग की है।
ईरान का नया बिल
एक तरफ जहां खाड़ी देश सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, वहीं ईरान की शूरा काउंसिल के नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक नया रणनीतिक बिल पेश करने की घोषणा की है। इस खबर के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है क्योंकि यह जल मार्ग दुनिया भर में तेल की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
