कुवैत के बूबियान द्वीप (Bubiyan Island) पर ईरानी सशस्त्र समूह द्वारा घुसपैठ की कोशिश का मामला सामने आया है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. सऊदी अरब ने कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे सभी कदमों का पूरा समर्थन करने की बात कही है. इस घटना के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

कुवैत के बूबियान द्वीप पर क्या हुआ था?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा भेजे गए एक सशस्त्र समूह ने कुवैत के बूबियान द्वीप में अवैध रूप से घुसने की कोशिश की थी. कुवैती सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस कोशिश को नाकाम कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान कुवैत का एक सैनिक घायल हो गया था. कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने इस मामले में ईरानी नौसेना के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन लोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें बूबियान द्वीप पर किसी घटना को अंजाम देने के लिए भेजा गया था, जबकि दो अन्य अधिकारी मौके से भागने में सफल रहे.

सऊदी अरब और अन्य सहयोगी देशों का क्या कहना है?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी कर कुवैत का समर्थन किया है. सऊदी अधिकारियों ने कहा कि वे कुवैत की सुरक्षा के लिए उसके साथ खड़े हैं. इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और बहरीन ने भी इस घुसपैठ की कोशिश की निंदा की है. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत मोहम्मद तोतूनजी को तलब किया और उन्हें विरोध पत्र सौंपकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई. कुवैत ने इस घटना को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है और कहा है कि उसे अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है. वहीं, ईरान ने अपने गिरफ्तार नागरिकों के लिए राजनयिक पहुंच की मांग की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

बूबियान द्वीप पर घुसपैठ की कोशिश कब हुई थी?

कुवैत के बूबियान द्वीप पर ईरानी सशस्त्र समूह द्वारा घुसपैठ की यह कोशिश मई 2026 की शुरुआत में की गई थी, जिसे कुवैती सेना ने समय रहते नाकाम कर दिया था.

इस मामले में कुवैत ने क्या कदम उठाए हैं?

कुवैत ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार ईरानी नौसेना अधिकारियों को गिरफ्तार किया है और ईरान के राजदूत को बुलाकर विरोध पत्र सौंपा है.