कुवैत के बुबियां द्वीप (Bubiyan Island) पर ईरानी सशस्त्र समूह द्वारा घुसपैठ की कोशिश का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे कुवैत की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया है. इस घटना के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. सऊदी अरब ने कुवैत के साथ खड़े रहने और उसकी सुरक्षा व स्थिरता को बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले हर कदम में पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है.
बुबियां द्वीप पर क्या हुआ था और कैसे हुई घुसपैठ की कोशिश?
1 मई 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक सशस्त्र समूह ने कुवैत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बुबियां द्वीप में घुसपैठ करने की कोशिश की थी. इस दौरान कुवैत के सुरक्षा बलों और घुसपैठियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुवैत का एक सैनिक घायल हो गया था. कुवैत के गृह मंत्रालय ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस कार्रवाई में शामिल 4 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि 2 अन्य लोग भागने में सफल रहे. गिरफ्तार किए गए लोगों ने कुवैत में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने की बात स्वीकार की है.
सऊदी अरब और कुवैत के विदेश मंत्रालयों ने क्या बयान जारी किया?
सऊदी अरब और कुवैत के आधिकारिक विभागों ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है:
- सऊदी अरब का विदेश मंत्रालय: सऊदी अरब ने 12 मई 2026 को अपना आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि यह घुसपैठ अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है. सऊदी अरब कुवैत की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे हर फैसले के साथ है.
- कुवैत का विदेश मंत्रालय: कुवैत ने इस घटना को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए खुद के बचाव के अधिकार को मजबूत बताया और इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया.
ईरान ने इन गंभीर आरोपों पर क्या सफाई दी है?
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है. ईरान सरकार का कहना है कि उनके लोग केवल नेविगेशन सिस्टम (GPS) में खराबी आने की वजह से रास्ता भटक गए थे और गलती से कुवैती जल क्षेत्र में दाखिल हो गए थे. ईरान ने कुवैत द्वारा अपने नागरिकों को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया है और कहा है कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
बुबियां द्वीप पर घुसपैठ की घटना कब हुई थी?
कुवैत के बुबियां द्वीप पर ईरान के सशस्त्र समूह द्वारा घुसपैठ की यह कोशिश 1 मई 2026 को की गई थी, जिसके बाद 12 मई 2026 को सऊदी अरब ने इस पर आधिकारिक तौर पर कड़ी निंदा दर्ज कराई.
इस घुसपैठ के आरोप में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
कुवैत के गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा बलों ने मौके से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 लोग भागने में कामयाब रहे.
