कुवैत के Bubiyan Island में ईरान के एक सशस्त्र समूह ने घुसपैठ करने की कोशिश की। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने कड़ा विरोध जताया है और इसे गलत बताया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि यह हरकत कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन है। इस पूरे मामले ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

ℹ: सऊदी और यूएई के बीच फोन पर हुई बड़ी बातचीत, खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच दोनों नेताओं ने की सुरक्षा पर चर्चा.

Bubiyan Island पर क्या हुआ और किसने की कोशिश?

कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि 1 मई 2026 को ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े 6 लोगों ने Bubiyan Island में घुसने की कोशिश की। ये लोग एक किराए की मछली पकड़ने वाली नाव का इस्तेमाल कर रहे थे और इनका मकसद कुवैत में कुछ गलत काम करना था।

  • गिरफ्तारी: कुवैत की सेना ने कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को पकड़ लिया, जिनमें ईरान की नौसेना के दो कैप्टन भी शामिल थे।
  • नुकसान: इस झड़प के दौरान कुवैत का एक सैनिक घायल हो गया।
  • फरार: हमले में शामिल 2 ईरानी अधिकारी मौके से भागने में कामयाब रहे।

सऊदी अरब ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 12 मई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। सऊदी अरब ने इस घुसपैठ की कड़ी निंदा की और कहा कि IRGC द्वारा भेजे गए इस समूह का मकसद हमला करना था। सऊदी सरकार ने कहा कि वह कुवैत की स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए किए गए सभी उपायों का पूरा समर्थन करता है।

मंत्रालय ने यह भी जोड़ा कि इस तरह की हरकतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता लाने की कोशिशों को कमजोर करती हैं। सऊदी अरब ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत के Bubiyan Island पर हमला कब हुआ था?

यह घटना 1 मई 2026 को हुई थी, जब IRGC से जुड़े 6 लोग नाव के जरिए घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे।

सऊदी अरब ने इस मामले में क्या स्टैंड लिया है?

सऊदी विदेश मंत्रालय ने 12 मई 2026 को इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और इस हरकत की कड़ी निंदा की।