सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ईरान के लगातार बढ़ते हुए कदमों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सऊदी अरब ने ईरान पर क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ने और पड़ोसी देशों की सुरक्षा को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है। 7 जुलाई 2026 को सऊदी के टैंकर Wadiyan और कतर के टैंकर Al-Rakiyat पर हुए हमलों के बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है, जिसे लेकर रियाद ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
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संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन
सऊदी मंत्रालय का कहना है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और इस्लामिक सहयोग संगठन के सिद्धांतों का सम्मान नहीं कर रहा है। 9 जुलाई 2026 को सऊदी अरब ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर हुए हमलों की भी निंदा की। इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का सीधा उल्लंघन माना गया है, जिसमें ईरान को क्षेत्र में सभी प्रकार के हमले तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया है।
समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा पर खतरा
सऊदी अरब ने साफ किया है कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना न केवल क्षेत्रीय शांति को बिगाड़ रहा है, बल्कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति भी खतरे में है। सऊदी अरब ने ईरान की ओर से कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और जॉर्डन जैसी मित्र देशों की संप्रभुता में किए जा रहे हस्तक्षेप को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रियाद ने जोर देकर कहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों की सुरक्षा के साथ खड़ा है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।
