सऊदी अरब ने कुवैत के सैन्य कैंप और बिजली व पानी के प्लांट पर हुए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। इन हमलों में कुवैत के कई सैनिक घायल हुए हैं और एक कर्मचारी की जान चली गई है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्तों के नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य लोगों के लिए इस बढ़ते तनाव पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।

कुवैत पर हुए हमलों में क्या नुकसान हुआ?

30 मार्च 2026 को जारी ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की ओर से कुवैती सशस्त्र बलों के कैंप और पावर प्लांट को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • नुकसान: हमले में 10 कुवैती सैनिक घायल हुए हैं और 1 कर्मचारी की मौत हुई है।
  • हथियारों का इस्तेमाल: कुवैती सेना ने पिछले 24 घंटों में 14 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन का पता लगाया है।
  • निशाना: सैन्य कैंप, लॉजिस्टिक्स गोदाम और पानी साफ करने वाले (desalination) प्लांट को निशाना बनाया गया।
  • तारीख: यह बड़े हमले 29 और 30 मार्च 2026 के बीच किए गए।

सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान का यह रवैया क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ाने का काम करेगा। सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman और कुवैत के क्राउन प्रिंस Sheikh Sabah Khaled Al Hamad Al Sabah ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। संयुक्त बयान में सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कतर और जॉर्डन ने इसे UN Security Council Resolution 2817 का उल्लंघन बताया है। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के बीच इन हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com