ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) द्वारा बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद खाड़ी देशों में तनाव बहुत बढ़ गया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे तीनों देशों की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि वह बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की सुरक्षा और स्थिरता के लिए उनके साथ पूरी तरह खड़ा है और उनके हर फैसले का समर्थन करता है।
ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को क्यों बनाया निशाना?
10 जून 2026 को ईरान की सेना (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के अज़राक में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई थी। हालांकि, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की सेनाओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन हवाई हमलों को रास्ते में ही रोक दिया। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उन्होंने पांच मिसाइलों को मार गिराया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। बहरीन और कुवैत में हमलों के दौरान हवाई हमले के सायरन भी बजाए गए थे।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?
सऊदी अरब ने इस हमले के विरोध में एक बेहद कड़ा और सख्त बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन हमलों से पूरे इलाके की शांति और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि वह अपने साथी देशों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करेगा। सऊदी अरब की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 (2026) का हवाला देते हुए ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है, जो पड़ोसी देशों की सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर हमला कब किया था?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने 10 जून 2026 को इन देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे।
सऊदी अरब ने इन हमलों को लेकर क्या कदम उठाया है?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और बहरीन, कुवैत तथा जॉर्डन की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है।
