खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरान द्वारा हाल ही में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। 17 जुलाई 2026 को सऊदी अरब ने जॉर्डन, कतर, कुवैत और बहरीन पर हुए इन हमलों को क्रूर बताया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने जॉर्डन के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री आयमन सफादी से फोन पर बात की और जॉर्डन की सुरक्षा व संप्रभुता के लिए पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया।
हमलों का सिलसिला और सुरक्षा व्यवस्था
पिछले दो दिनों में क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर रही है। 17 जुलाई को जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने अपनी सीमा में प्रवेश करने वाली तीन ईरानी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले 16 जुलाई को जॉर्डन ने आठ मिसाइलों को गिराने की पुष्टि की थी। हालांकि, ईरान का दावा है कि ये ऑपरेशन जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए थे, लेकिन जॉर्डन ने इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है।
अन्य खाड़ी देशों में क्या हुआ
ईरान की इस आक्रामकता का सामना अन्य खाड़ी देशों को भी करना पड़ा है। कतर ने बताया कि उसने एक मिसाइल हमले को नाकाम किया, हालांकि मलबे के गिरने से एक बच्चा घायल हुआ। कुवैत और बहरीन ने भी अपनी वायु सीमा में घुसने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। अरब आंतरिक मंत्रियों की परिषद और मिस्र ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। सऊदी अरब ने फिलहाल सभी देशों से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की है।
