Saudi Arabia के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan को Bahrain के विदेश मंत्री Abdullatif bin Rashid Al Zayani का फोन आया। इस फोन कॉल के दौरान सऊदी अरब ने बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। यह बातचीत 4 जून 2026 को हुई, जो कि 3 जून 2026 को बहरीन और कुवैत पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के ठीक बाद हुई है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने जताई गहरी चिंता
Saudi Arabia ने इन हमलों को बहरीन और कुवैत की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन माना है। रियाद ने साफ किया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के खिलाफ है। सऊदी अरब ने बहरीन और कुवैत को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता बनाए रखने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया है। इसके अलावा ओमान के विदेश मंत्री Badr bin Hamad Al Busaidi, जॉर्डन, कतर, यूएई, मिस्र और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इस हमले का विरोध किया है और इसे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बताया है।
हमले में हुआ नुकसान और ईरान का इस पर क्या है कहना
Bahrain की सेना ने जानकारी दी कि उन्होंने बुधवार को देश को निशाना बनाकर दागे गए कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और लगभग 63 लोग घायल हो गए। इसके साथ ही एयरपोर्ट की इमारत को भी नुकसान पहुंचा है। भारत सरकार ने भी इस हमले पर चिंता जताई है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने इसके जवाब में ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया है। ईरान का दावा है कि कुवैत और बहरीन ने अमेरिका को अपनी जमीन इस्तेमाल करने दी, इसलिए वे इस कार्रवाई के जिम्मेदार हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन और कुवैत पर ईरान का हमला कब हुआ था?
बहरीन और कुवैत पर ईरान ने बुधवार, 3 जून 2026 को मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है।
कुवैत में हुए हमले में क्या नुकसान हुआ है?
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई और कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं, साथ ही एयरपोर्ट की मुख्य इमारत को भी नुकसान पहुंचा है।
