Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने सऊदी अरब और कतर के तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद सऊदी सरकार ने ईरान के खिलाफ बहुत कड़ा रुख अपनाया है और इसकी कड़ी निंदा की है।
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इन टैंकरों को बनाया गया निशाना
सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। मंत्रालय ने बताया कि ईरान ने सऊदी अरब के टैंकर ‘Wadyan’ और कतर के टैंकर ‘Al-Rukiyyat’ को निशाना बनाया। यह हमला तब हुआ जब ये जहाज समुद्री रास्ते से गुजर रहे थे।
दुनिया भर में तेल सप्लाई को खतरा
रियाद ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा का बड़ा उल्लंघन बताया है। सऊदी अरब का कहना है कि ऐसी हरकतों से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई खतरे में पड़ सकती है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन किया है, जो समुद्र में जहाजों के सुरक्षित आने-जाने की गारंटी देता है।
ईरान होगा पूरी तरह जिम्मेदार
सऊदी अरब ने ईरान से मांग की है कि वह ऐसी सभी गतिविधियां तुरंत बंद करे जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में खतरा पैदा हो। साथ ही सऊदी सरकार ने यह भी कह दिया कि इन हमलों और इनसे होने वाले किसी भी नुकसान के लिए ईरान पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
