Al-Aqsa Mosque में इसराइली अधिकारियों की घुसपैठ और झंडा फहराने की घटना ने दुनिया भर में तनाव बढ़ा दिया है. सऊदी अरब ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए इसराइल की कड़ी निंदा की है. सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं.
Al-Aqsa Mosque में आखिर हुआ क्या था?
14 मई 2026 को इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir और अन्य अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा के बीच Al-Aqsa Mosque परिसर में जबरन एंट्री की. उन्होंने वहां इसराइली झंडा फहराया और डांस किया. इस दौरान Ben-Gvir ने कहा कि टेंपल माउंट अब उनके हाथ में है. उनके साथ Yitzhak Wasserlauf और Yitzhak Kroizer भी शामिल थे, जिन्होंने इस कार्रवाई को एक क्रांति बताया. यह पूरी घटना ‘Jerusalem Day’ के मौके पर हुई.
सऊदी अरब का बयान और मस्जिद में लगी पाबंदियां
सऊदी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर इस घटना पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई. मंत्रालय ने कहा कि यरूशलेम और वहां के पवित्र स्थलों की ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति को खराब करने वाली किसी भी कार्रवाई को सऊदी अरब पूरी तरह खारिज करता है. सऊदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि इसराइल को इन गंभीर उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए.
वहीं, इस घटना के दौरान इसराइली सुरक्षा बलों ने मस्जिद में आने वाले लोगों पर कड़ी पाबंदी लगा दी थी. 60 साल से कम उम्र के पुरुषों और 50 साल से कम उम्र की महिलाओं को अंदर जाने से रोका गया. रिपोर्ट के मुताबिक, कई नमाजियों के साथ बदसलूकी भी की गई ताकि आंगन को इसराइली अधिकारियों के लिए खाली रखा जा सके.
दुनिया के अन्य देशों की प्रतिक्रिया
सऊदी अरब के अलावा Turkiye के विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है. Turkiye ने कहा कि Al-Aqsa Mosque एक मुस्लिम पवित्र स्थल है और इसकी कानूनी स्थिति का सम्मान किया जाना चाहिए. दुनिया भर के कई देशों ने इसे शांति के लिए खतरा माना है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने Al-Aqsa Mosque मामले पर क्या कहा है
सऊदी विदेश मंत्रालय ने इसराइली अधिकारियों की घुसपैठ को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसराइल को जिम्मेदार ठहराने की अपील की है.
इसराइली अधिकारियों ने मस्जिद में क्या किया
नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir और अन्य नेताओं ने मस्जिद परिसर में प्रवेश कर इसराइली झंडा फहराया और नृत्य किया, जिसे सऊदी अरब ने उकसावे वाली हरकत बताया है.
