सऊदी अरब ने लेबनान की जमीन पर इजरायली सेना के हमलों और घुसपैठ की कड़े शब्दों में निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इजरायल के इस कदम को लेबनान की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया है। सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने और इजरायली सेना को आगे बढ़ने से रोकने की मांग की है। खाड़ी देशों के इस कड़े रुख के बाद अब मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सऊदी अरब ने इजरायल के एक्शन पर क्या आपत्ति जताई है?

सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वह लेबनान की सीमा के अंदर इजरायली सेना की घुसपैठ को पूरी तरह से खारिज करता है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि इजरायल की यह सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र को एक बड़े युद्ध की तरफ धकेल रही है। इससे आम लोगों की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का मजाक उड़ाया जा रहा है। सऊदी अरब ने मांग की है कि युद्ध को तुरंत रोका जाए और प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचने दी जाए।

लेबनान में सुरक्षा के लिए सऊदी अरब ने क्या रास्ता सुझाया है?

सऊदी सरकार ने लेबनान की सुरक्षा और स्थिरता के लिए कुछ जरूरी बातें सामने रखी हैं:

  • ताइफ समझौते का पालन: सऊदी अरब ने ताइफ समझौते (Taif Agreement) को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया है, जिससे पूरे लेबनान पर वहां की चुनी हुई सरकार का नियंत्रण स्थापित हो सके।
  • हथियारों पर नियंत्रण: सऊदी अरब का मानना है कि लेबनान में हथियार सिर्फ वहां की सरकारी सेना और वैध संस्थाओं के पास ही होने चाहिए।
  • कूटनीतिक प्रयास: सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में लेबनान के बड़े नेताओं जैसे कि संसद अध्यक्ष नबीह बेरी के साथ बातचीत की है, ताकि किसी भी तरह युद्धविराम की शर्तों को लागू कराया जा सके।

लेबनान और इजरायल सीमा पर अभी क्या हालात हैं?

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में काफी अंदर तक घुसपैठ कर ली है। इजरायल ने जाहरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों को इलाका खाली करने का आदेश दिया है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जा कर लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस मामले में इजरायल और लेबनानी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या मांग की है?

सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने और इजरायली सेना की घुसपैठ को तुरंत रोककर लेबनान की संप्रभुता की रक्षा करने की मांग की है।

लेबनान की शांति के लिए सऊदी किस समझौते पर जोर दे रहा है?

सऊदी अरब ताइफ समझौते पर जोर दे रहा है, जिसके तहत लेबनान के सभी हिस्सों पर वहां की सरकार का नियंत्रण होना चाहिए और हथियार केवल देश की वैध सेना के हाथ में होने चाहिए।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.