इजरायल ने सीरिया में सैन्य ठिकानों पर हमला किया है जिसके बाद सऊदी अरब समेत कई अरब देशों ने अपनी नाराजगी जताई है। सऊदी अरब ने इस हमले को इजरायल की आक्रामक कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। यह हमला शुक्रवार 20 मार्च 2026 को सीरिया के सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर किया गया था। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने साफ तौर पर इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है।

इजरायल ने हमले के पीछे क्या वजह बताई?

इजरायली सेना ने जानकारी दी है कि उन्होंने सीरियाई सेना के कैंपों, एक कमांड सेंटर और लड़ाकू उपकरणों को निशाना बनाया है। इजरायल के मुताबिक यह कार्रवाई दक्षिणी सीरिया के स्वेदा प्रांत में रहने वाले ड्रूज समुदाय पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। इजरायल ने कहा है कि वह सीरिया में रहने वाले ड्रूज लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हालांकि सीरिया ने इजरायल के इन तर्कों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

इन देशों ने भी दर्ज कराया अपना विरोध

सऊदी अरब के अलावा क्षेत्र के अन्य बड़े देशों ने भी इस हमले का पुरजोर विरोध किया है। तुर्की ने इसे एक खतरनाक कदम बताया है जिससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन है। कुवैत, जॉर्डन और मिस्र ने भी इस पर चिंता जाहिर की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

देश प्रतिक्रिया तारीख
Saudi Arabia कड़ी निंदा और आक्रामक कार्रवाई बताया 21 मार्च 2026
Turkey अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन 21 मार्च 2026
Qatar संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन 21 मार्च 2026
Kuwait सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की अपील 21 मार्च 2026
Syria क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश 20 मार्च 2026

सीरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इजरायल इलाके में शांति बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है और इसके परिणामों के लिए वह खुद जिम्मेदार होगा। यह तनाव एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें कई देश शामिल हो रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.