सूडान के खार्तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के बाद अब सऊदी अरब ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। यह हमला 4 मई 2026 को हुआ था, जिसने एक बार फिर सूडान की आंतरिक सुरक्षा और स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सऊदी अरब ने हमले पर क्या कहा और क्या माँगा?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 5 मई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें खार्तूम एयरपोर्ट के पास हुए हमले की कड़ी निंदा की गई। सऊदी अरब ने साफ़ कहा कि सूडान की एकता और वहां की सुरक्षा बहुत ज़रूरी है। उन्होंने मांग की है कि सभी पक्ष 11 मई 2023 को हुए जेद्दा डिक्लेरेशन (Jeddah Declaration) का पालन करें, जिसमें आम लोगों और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा का वादा किया गया था। सऊदी ने यह भी कहा कि अस्पतालों और एयरपोर्ट जैसी ज़रूरी जगहों को लड़ाई से दूर रखा जाना चाहिए।
किसे जिम्मेदार ठहराया गया और अन्य देशों का क्या रिएक्शन रहा?
सूडान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए UAE और इथियोपिया पर आरोप लगाए हैं। सूडान का दावा है कि ड्रोन हमले में इन देशों का हाथ था और ड्रोन इथियोपिया के बहरी डार एयरपोर्ट से लॉन्च किए गए थे। हालांकि, इथियोपिया के विदेश मंत्रालय ने 5 मई को इन आरोपों को पूरी तरह गलत और आधारहीन बताकर खारिज कर दिया। वहीं, मिस्र (Egypt) ने भी इस हमले की निंदा की और इसे सूडान की संप्रभुता का बड़ा उल्लंघन बताया है।
4 मई को असल में क्या हुआ था?
- हमला कब हुआ: सोमवार, 4 मई 2026 को खार्तूम एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया।
- हमला किसने किया: आरोप है कि यह हमला पैरामिलिट्री फोर्स (RSF) ने किया था।
- नतीजा क्या रहा: सूडान की एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
- पड़ोसी देशों को चेतावनी: सऊदी अरब ने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमले के लिए न होने दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जेद्दा डिक्लेरेशन क्या है?
यह एक समझौता है जिसे 11 मई 2023 को सूडान की सेना (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने साइन किया था। इसमें सऊदी अरब और अमेरिका की मदद से आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा का वादा किया गया था।
क्या एयरपोर्ट हमले में कोई नुकसान हुआ?
नहीं, सूडान की सैन्य सरकार ने कन्फर्म किया कि ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया था, जिससे किसी भी तरह का नुकसान या हताहत नहीं हुआ।