सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में रुकावट डालने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करेगा। सऊदी के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जहाजों का बिना किसी रोक-टोक आना-जाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक बुनियादी अधिकार है। इस तनाव का असर पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा और खाद की सप्लाई पर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से आम लोगों पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री Waleed bin Abdulkarim Al-Khuraimi ने बताया कि समुद्री रास्तों में हो रही गड़बड़ी की वजह से ग्लोबल फूड सिक्योरिटी यानी दुनिया भर में खाने-पीने की चीज़ों की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है। खासकर खाद और बुनियादी खाद्य सामग्री के आने-जाने में दिक्कत आ रही है। सऊदी सरकार का कहना है कि भोजन और खाद जैसी ज़रूरी चीज़ों को किसी भी राजनीतिक दबाव या टकराव से दूर रखा जाना चाहिए ताकि दुनिया में किल्लत न हो और कीमतें न बढ़ें।
अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को सऊदी ने क्यों रुकवाया?
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम की एक योजना शुरू की थी, जिसका मकसद सैन्य ताकत के ज़रिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था। लेकिन सऊदी अरब ने अपनी सैन्य बेस और हवाई क्षेत्र (Airspace) का इस्तेमाल करने से साफ़ मना कर दिया, जिसके बाद ट्रंप को यह प्रोजेक्ट रोकना पड़ा। अब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है और एक छोटे समझौते (MoU) पर बात हो रही है जिससे युद्ध खत्म हो सके और समुद्री रास्ते फिर से खुल सकें।
सऊदी अरब की आधिकारिक मांग और शर्तें क्या हैं?
सऊदी सरकार का कहना है कि 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के मुताबिक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी पाबंदी के खुला रहना चाहिए। सऊदी अरब ने पहले भी संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करें। सऊदी अरब इस समय लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से भारत और अन्य देशों पर क्या असर पड़ेगा?
यह रास्ता तेल और खाद्य आपूर्ति के लिए बहुत ज़रूरी है। अगर यह बंद होता है तो दुनिया भर में तेल के दाम बढ़ सकते हैं और खाने-पीने की चीज़ों व खाद की किल्लत हो सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच वर्तमान में क्या स्थिति है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही एक समझौता होगा जिससे युद्ध समाप्त हो और समुद्री रास्ते दोबारा खुल सकें।