लेबनान के दक्षिणी हिस्से में संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम शांति सेना (UNIFIL) के ठिकाने पर हुए हमले के बाद सऊदी अरब ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सऊदी अरब ने इस हमले की सबसे कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें एक शांति सैनिक की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना 3 जून 2026 को हुई थी, जिसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा और शांति को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
लेबनान में शांति सैनिकों पर हुए इस हमले में क्या हुआ था?
दक्षिणी लेबनान के मरजायून के पास स्थित UNIFIL के ठिकाने पर 3 जून 2026 की देर रात को मोर्टार के गोले दागे गए थे। इस हमले में गंभीर रूप से घायल सर्बिया के शांति सैनिक सार्जेंट मिलोवान जोवानोविक ने 4 जून 2026 की सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हमले में स्पेन के दो और अल साल्वाडोर के एक शांति सैनिक भी घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन बताया है और कहा है कि यह युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
सऊदी अरब और अन्य अंतरराष्ट्रीय देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
सऊदी अरब ने 5 जून 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की और शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। फ्रांस और स्पेन जैसे देशों ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है और मामले की पूरी जांच कराने की मांग की है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में अपने अभियान जारी रखेगा, जबकि इजरायली सेना ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार करते हुए इसका आरोप हिजबुल्लाह पर लगाया है। दूसरी ओर हिजबुल्लाह ने इजरायल की शर्तों वाले संघर्ष विराम को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान में हुए हमले में किस देश के शांति सैनिक की मौत हुई है?
इस मोर्टार हमले में सर्बिया के शांति सैनिक सार्जेंट मिलोवान जोवानोविक की मौत हुई है, जबकि स्पेन और अल साल्वाडोर के सैनिक घायल हुए हैं।
सऊदी अरब ने इस घटना पर क्या बयान जारी किया है?
सऊदी अरब ने 5 जून 2026 को इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय नियमों और प्रस्तावों का सम्मान करने की बात कही है।
