सऊदी अरब में बड़ी कामयाबी, फिलीपींस की जुड़ी हुई जुड़वा बच्चियों का सफल ऑपरेशन, मोरक्को की जुड़वा भी पहुँचीं रियाद

सऊदी अरब में एक बार फिर दुनिया के सबसे मुश्किल मेडिकल ऑपरेशनों में से एक को कामयाबी मिली है. यहाँ के डॉक्टरों ने फिलीपींस की जुड़ी हुई जुड़वा बच्चियों को अलग करने में सफलता पाई है. इसी बीच, मोरक्को से भी दो जुड़ी हुई बच्चियां इलाज के लिए रियाद पहुँच चुकी हैं, जिनकी जाँच अब की जाएगी.

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फिलीपींस की जुड़वा बच्चियों का सफल ऑपरेशन कैसे हुआ?

फिलीपींस की जुड़वा बच्चियों, Clea और Maurice Ann का ऑपरेशन 24 अप्रैल 2026 को पूरा हुआ. यह ऑपरेशन बेहद जटिल था और इसे पूरा करने में कुल 18.5 घंटे का समय लगा. पहले चरण में 12 घंटे 45 मिनट तक काम चला और फिर दूसरे चरण में चेहरे और सिर की बनावट को ठीक किया गया.

इस ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-रबिया और डॉ. मुतासिम अल-ज़ाबी ने किया. इस टीम में कुल 30 विशेषज्ञ डॉक्टर और नर्स शामिल थे. यह ऑपरेशन किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, रियाद में किया गया. यह इस प्रोग्राम का 70वाँ सफल ऑपरेशन था.

मोरक्को की जुड़वा बच्चियों के इलाज की क्या तैयारी है?

मोरक्को की जुड़ी हुई जुड़वा बच्चियां, Saja और Doha अपने माता-पिता के साथ शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को रियाद पहुँचीं. मोरक्को में सऊदी राजदूत डॉ. सामी अल-सालेह ने उनकी यात्रा और कागजी कार्रवाई में पूरी मदद की ताकि वे आसानी से सऊदी अरब आ सकें.

इन बच्चियों को भी किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में लाया गया है. अब डॉक्टर उनकी जाँच करेंगे और यह देखेंगे कि उनके कौन से अंग एक-दूसरे से जुड़े हैं. जाँच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि उनका ऑपरेशन कब होगा और क्या यह सुरक्षित रहेगा.

सऊदी अरब का यह प्रोग्राम कितना पुराना और बड़ा है?

जुड़ी हुई जुड़वा बच्चियों को अलग करने का यह प्रोग्राम पिछले 35 सालों से चल रहा है. इस प्रोग्राम के तहत अब तक दुनिया के 28 देशों के 157 मामलों की जाँच की गई है. यह पूरा काम किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर किया जाता है.

डॉ. अल-रबिया ने बताया कि फिलीपींस की बच्चियों का मामला बहुत कठिन था क्योंकि उनके सिर एक अजीब कोण पर जुड़े थे और दिमाग के ऊतक आपस में मिले हुए थे. साथ ही, एक बच्ची की किडनी और दिल की स्थिति भी काफी खराब थी, जिससे जोखिम बहुत बढ़ गया था.