सऊदी अरब की राजधानी रियाद में डॉक्टरों ने एक बहुत ही जटिल और जोखिम भरा ऑपरेशन कर दिखाया है। यहाँ जन्म से शरीर से जुड़े हुए दो बच्चों को एक बड़ी सर्जरी के जरिए अलग कर दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया काफी नाजुक थी लेकिन मेडिकल टीम ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।
ऑपरेशन की पूरी जानकारी और चुनौतियां
यह ऑपरेशन 16 अप्रैल 2026 को किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में किया गया। जुड़वा बच्चे करीब 20 दिन के थे और उनके पेट और छाती का निचला हिस्सा आपस में जुड़ा हुआ था। उनका लिवर, पेट और आंतें एक ही थीं, जिसकी वजह से उन्हें दूध पिलाने में बहुत मुश्किल हो रही थी। इस ऑपरेशन में जोखिम 40% था और इसे पूरा करने में 6 घंटे और आधा घंटा लगा। इस सर्जरी में 23 विशेषज्ञों और नर्सों की टीम ने हिस्सा लिया था।
सऊदी प्रोग्राम फॉर कंजॉइन्ड ट्विन्स की बड़ी उपलब्धि
डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-रबीह ने बताया कि यह इस खास प्रोग्राम के तहत किया गया 69वां ऑपरेशन था। साल 1990 से अब तक सऊदी अरब ने दुनिया के 28 देशों के 157 जुड़वा बच्चों का इलाज किया है। किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सहयोग की वजह से सऊदी अरब आज दुनिया में इस तरह के इलाज का बड़ा केंद्र बन चुका है। बच्चों के माता-पिता ने इस बड़ी मदद के लिए सऊदी नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 16 अप्रैल 2026 |
| ऑपरेशन का समय | 6.5 घंटे |
| मेडिकल टीम | 23 सदस्य |
| बच्चों की उम्र | 20 दिन |
| जोखिम (Risk) | 40% |
| अस्पताल | किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल |
| कुल ऑपरेशन | 69वां |
