सऊदी अरब में अब घर या बिल्डिंग बनाना पहले से महंगा हो गया है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) ने बताया कि अप्रैल 2026 में निर्माण लागत (Construction Cost Index) में 2.4% की बढ़ोतरी हुई है। इस खबर का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो वहां प्रॉपर्टी या कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे हैं या नया घर बनाने की योजना बना रहे हैं।

सऊदी में निर्माण लागत और सेक्टर का क्या हाल है?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में साल-दर-साल के आधार पर कुल निर्माण लागत 2.4% बढ़ी है। अगर हम अलग-अलग सेक्टर की बात करें तो रेजिडेंशियल यानी घरों के निर्माण का खर्च 2.4% बढ़ा है, जबकि नॉन-रेजिडेंशियल सेक्टर में यह बढ़त 2.7% रही है। महीने के हिसाब से देखा जाए तो मार्च 2026 के मुकाबले अप्रैल में लागत 0.5% बढ़ी है।

खर्च बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

निर्माण लागत बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण रहे हैं। सबसे ज्यादा असर मशीनों और उपकरणों के किराए में देखा गया है। इसके अलावा, मजदूरों की दिहाड़ी और बिजली-तेल जैसे ऊर्जा स्रोतों के दाम बढ़ने से भी कुल खर्च में इजाफा हुआ है। बेसिक मटेरियल जैसे लकड़ी, प्लास्टिक और कांच के दाम भी पहले के मुकाबले बढ़ गए हैं।

आइटम या सेक्टर वार्षिक बढ़ोतरी (प्रतिशत में)
कुल निर्माण लागत (CCI) 2.4%
रेजिडेंशियल सेक्टर 2.4%
नॉन-रेजिडेंशियल सेक्टर 2.7%
मशीन किराया (रेजिडेंशियल) 4.7%
मशीन किराया (नॉन-रेजिडेंशियल) 6.7%
लेबर कॉस्ट (मजदूरी) 2.8% से 3.0%
एनर्जी प्राइसेस (ऊर्जा) 3%
बेसिक मटेरियल (सामान) 1.0% से 1.2%

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी में कंस्ट्रक्शन कॉस्ट इंडेक्स (CCI) क्या होता है?

यह एक सरकारी पैमाना है जिससे यह पता चलता है कि बिल्डिंग बनाने में लगने वाले सामान, मजदूरों की मजदूरी, मशीनों का किराया और बिजली के दाम कितने बढ़े या घटे हैं।

निर्माण लागत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण क्या रहा?

सबसे बड़ी वजह मशीनों और उपकरणों का किराया बढ़ना रहा, जिसमें नॉन-रेजिडेंशियल सेक्टर में 6.7% और रेजिडेंशियल में 4.7% की बढ़ोतरी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.