सऊदी अरब की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था नजाह (Nazaha) ने हज सीजन के दौरान एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। मई 2026 के महीने में पवित्र स्थानों और सरकारी विभागों में कुल मिलाकर 17,000 से अधिक औचक निरीक्षण किए गए। इस बड़ी कार्रवाई में रिश्वतखोरी और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में 160 नागरिकों और विदेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 480 संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की गई है।

हज सीजन के दौरान कुल कितनी जगहों पर हुई छापेमारी?

सरकारी जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ने मई 2026 के दौरान कुल 2,365 सामान्य जांच दौरे किए। इसके अलावा, हज यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और पवित्र स्थलों पर सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 14,989 विशेष निरीक्षण दौरे किए गए। इसका मुख्य मकसद अल्लाह के मेहमानों की सेवा में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करना था ताकि हज यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

किन सरकारी विभागों के कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई?

इस पूरे मामले में कई बड़े सरकारी विभागों के कर्मचारी जांच के घेरे में आए हैं। जांच अधिकारियों ने जिन 480 संदिग्धों से पूछताछ की है, उनमें निम्नलिखित मंत्रालयों और अथॉरिटी के कर्मचारी शामिल हैं:

  • नगर पालिका, ग्रामीण मामले और आवास मंत्रालय (البلديات والإسكان)
  • शिक्षा मंत्रालय (التعليم)
  • स्वास्थ्य मंत्रालय (الصحة)
  • इस्लामी मामले, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय (الشؤون الإسلامية والدعوة والإرشاد)
  • ज़कात, टैक्स और सीमा शुल्क प्राधिकरण (هيئة الزكاة والضريبة والجمارك)

गिरफ्तार लोगों पर क्या हैं आरोप और अब आगे क्या होगा?

इस कार्रवाई में कुल 160 सऊदी नागरिकों और प्रवासियों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी पर मुख्य रूप से रिश्वत लेने और अपने सरकारी पद का गलत फायदा उठाने के गंभीर आरोप लगे हैं। कानून के मुताबिक कुछ आरोपियों को जमानत पर छोड़ा गया है, जबकि बाकी लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यह पूरी कार्रवाई सऊदी अरब के क्रिमिनल प्रोसीजर सिस्टम के तहत की गई है और इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी नजाह (Nazaha) ने कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?

मई 2026 के दौरान हुई इस कार्रवाई में कुल 160 नागरिकों और विदेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पहले 480 संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की गई थी।

इन सरकारी कर्मचारियों पर क्या आरोप लगे हैं?

पकड़े गए लोगों पर रिश्वत लेने और अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ उठाने के गंभीर आरोप हैं।