सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने मदीना के तैबा पैलेस में विद्वानों, मंत्रियों और नागरिकों से मुलाकात की है। शुक्रवार को हुई इस बैठक में उन्होंने रमजान के पवित्र महीने की बधाई स्वीकार की और देश की सुरक्षा के लिए दुआ मांगी। इससे पहले क्राउन प्रिंस ने पैगंबर की मस्जिद (Prophet’s Mosque) का दौरा किया और अल-रावदा अल-शरीफा में नमाज अदा की। इसके साथ ही देशभर में चैरिटी के काम को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा अभियान भी शुरू किया गया है।

7 करोड़ रियाल का शाही दान और Ehsan अभियान

शुक्रवार शाम को किंग सलमान और क्राउन प्रिंस ने ‘Ehsan Platform’ के जरिए छठे राष्ट्रीय चैरिटी अभियान की शुरुआत की। इस नेक काम में शाही परिवार ने सबसे पहले योगदान दिया:

  • किंग सलमान: 40 मिलियन रियाल का निजी दान दिया।
  • क्राउन प्रिंस MBS: 30 मिलियन रियाल का योगदान दिया।
  • कुल जमा राशि: अभियान के पहले ही दिन जनता और अन्य लोगों की मदद से कुल 646 मिलियन रियाल जमा हो गए।

Ehsan प्लेटफॉर्म की निगरानी सऊदी डेटा और एआई अथॉरिटी (SDAIA) करती है। डॉ. माजिद अल-कसाबी ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म ने अब तक 33 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन पूरे किए हैं, जो सऊदी समाज में दान की संस्कृति को मजबूत करता है।

मस्जिदों के लिए नए नियम और नमाज का समय

रमजान के दौरान मस्जिदों में व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी नियम लागू किए गए हैं, जिनका पालन इमाम और नागरिकों दोनों को करना होगा। इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने सभी कर्मचारियों को पूरी उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया है।

  • प्रार्थना का समय: सभी मस्जिदों को ‘उम्म अल कुरा’ कैलेंडर का सख्ती से पालन करना होगा। ईशा और फज्र की अजान और इकामा के बीच 15 मिनट का अनिवार्य अंतर रखना होगा।
  • लाइव प्रसारण: नमाज का किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण (Live Broadcasting) करने पर रोक लगा दी गई है।
  • इफ्तार नियम: सामूहिक इफ्तार केवल निर्धारित आंगन में ही कराया जा सकता है। इसके लिए नकद चंदा (Cash Donation) इकट्ठा करना पूरी तरह मना है, यह केवल आधिकारिक चैनलों के जरिए ही होना चाहिए।

उमराह और बैंकिंग सेवाओं पर ताजा अपडेट

सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) द्वारा अनिवार्य की गई कम बैंकिंग सर्विस फीस 20 फरवरी, शुक्रवार से लागू हो गई है। इसके अलावा, उमराह यात्रियों और निवासियों के लिए भी कुछ अहम बदलाव किए गए हैं।

सेवा/नियम विवरण
Nusuk Card मक्का और मदीना में प्रवेश के लिए सभी तीर्थयात्रियों के पास यह कार्ड होना अनिवार्य है।
इंश्योरेंस विदेशी यात्रियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी है, जो 90 दिनों तक इमरजेंसी इलाज कवर करेगा।
काम के घंटे रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों के लिए काम का समय घटाकर 6 घंटे प्रति दिन कर दिया गया है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.