सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय ने फरवरी 2026 के दौरान 1046 कस्टम छूट के आवेदनों को पास किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता जर्राह अल-जर्राह ने जानकारी दी है कि इन सभी आवेदनों को आधिकारिक डिजिटल पोर्टल Senaei के जरिए पूरा किया गया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उत्पादन की लागत को कम करना, स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और सऊदी उत्पादों को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना है।

किन चीजों पर मिली है छूट?

फरवरी महीने में जिन 1046 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, उनमें कई तरह के कच्चे माल और मशीनों को शामिल किया गया है। जकात, टैक्स और कस्टम अथॉरिटी (ZATCA) के सहयोग से इन सामानों को पोर्ट पर बिना किसी परेशानी के एंट्री दी जा रही है।

  • कच्चा माल: इसमें 5,988 ऐसे आइटम शामिल हैं जिन्हें प्राथमिक कच्चे माल की श्रेणी में रखा गया है।
  • मशीनरी और उपकरण: इसमें 11,425 आइटम शामिल हैं जो मुख्य रूप से मशीनरी, उपकरण और उनके स्पेयर पार्ट्स से जुड़े हैं।
  • अन्य सामान: इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री और सेमी-फिनिश्ड गुड्स को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है।

कस्टम छूट पाने के लिए क्या है नियम?

सऊदी अरब सरकार ने इस प्रक्रिया को निवेशकों के लिए काफी आसान बना दिया है। जो भी राष्ट्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठान इस छूट का फायदा लेना चाहते हैं, उनके पास एक वैध इंडस्ट्रियल लाइसेंस होना जरूरी है। आवेदन की प्रक्रिया को Senaei प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बहुत कम समय में पूरा किया जाता है।

यह योजना सऊदी अरब के विजन 2030 और राष्ट्रीय औद्योगिक रणनीति का एक अहम हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2035 तक देश भर में 36,000 नई फैक्ट्रियां स्थापित की जाएं। जनवरी 2026 में भी मंत्रालय ने 1,196 आवेदनों को मंजूरी दी थी। इससे निवेशकों को अपना कारोबार बढ़ाने में सीधा फायदा मिल रहा है और विदेश से मशीन या कच्चा माल मंगाना सस्ता हो गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.