सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर किसी दूसरे देश या उसके नेताओं के खिलाफ गलत टिप्पणी करना एक नागरिक को बहुत भारी पड़ गया है। सऊदी अरब के जनरल कमीशन फॉर ऑडियोविजुअल मीडिया ने एक नागरिक को सोशल मीडिया के ऑडियो स्पेस में एक मित्र देश का अपमान करने के आरोप में सरकारी वकील यानी पब्लिक प्रोसिक्यूशन के पास भेज दिया है। यह कार्रवाई देश के सख्त साइबर क्राइम कानून के तहत की गई है जिससे लोगों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय नियमों का ध्यान रखने की चेतावनी मिलती है।
सोशल मीडिया पर क्या है पूरा मामला?
सऊदी अरब के जनरल कमीशन फॉर ऑडियोविजुअल मीडिया ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो स्पेस के दौरान नियमों के उल्लंघन को पकड़ा था। इसमें एक सऊदी नागरिक एक मित्र देश के प्रतीकों और नेताओं के खिलाफ अपमानजनक बातें बोल रहा था। इसके बाद विभाग ने जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की और 8 जून 2026 को इस मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रोसिक्यूशन को सौंप दिया। सरकारी विभाग ने साफ किया है कि वे सोशल मीडिया और मीडिया कंटेंट पर लगातार नजर रख रहे हैं और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानून के तहत कितनी मिल सकती है सजा?
सऊदी अरब में इस तरह की हरकतों को एंटी-साइबर क्राइम कानून की धारा 6 के तहत एक बड़ा अपराध माना जाता है। इस कानून के तहत नियम तोड़ने वालों को काफी सख्त सजा का सामना करना पड़ता है। कानून के दायरे में आने वाले अपराधों के लिए ये सजाएं तय की गई हैं:
- दोषी पाए जाने पर अपराधी को अधिकतम 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
- इसके साथ ही दोषी पर अधिकतम 30 लाख सऊदी रियाल का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट दोषी को जेल और जुर्माना दोनों सजाएं एक साथ भी दे सकता है।
यह कानून इंटरनेट या कंप्यूटर के जरिए सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक मूल्यों, या किसी दूसरे देश की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली जानकारी को बनाने, भेजने या स्टोर करने पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर दूसरे देशों के खिलाफ बोलने पर क्या सजा है?
एंटी-साइबर क्राइम कानून की धारा 6 के तहत, मित्र देशों या उनके नेताओं का अपमान करने पर अपराधी को 5 साल तक की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
यह पूरा मामला कब सामने आया और कार्रवाई कब हुई?
विभाग ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया के एक ऑडियो स्पेस में इस उल्लंघन को पकड़ा था, जिसके बाद 8 जून 2026 को कानूनी प्रक्रिया पूरी करके मामले को पब्लिक प्रोसिक्यूशन को भेज दिया गया।
