सऊदी अरब ने खजूर के कारोबार में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साल 2025 में देश से खजूर का निर्यात रिकॉर्ड 1.9 अरब सऊदी रियाल तक पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 14.3% ज़्यादा है। सरकार अब खजूर को दुनिया की पहली पसंद बनाने की तैयारी में है।
सऊदी खजूर की क्वालिटी और नए नियम क्या हैं?
सऊदी खजूर को खास बनाने के लिए ‘Saudi Dates Mark’ का इस्तेमाल किया जाता है। इसे 2018 में National Center for Palms and Dates ने शुरू किया था। इसमें साफ-सफाई, कीटनाशकों की जांच और खेती से पैकिंग तक की पूरी निगरानी होती है। साथ ही, ये खजूर ISO 22000 और Halal जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं ताकि विदेशों में इनकी क्वालिटी पर कोई सवाल न उठे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब का क्या रोल रहा?
सऊदी अरब ने नवंबर 2025 में Codex Alimentarius Commission (CAC) के साथ मिलकर ताजे खजूर के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मानक तैयार करवाया। इसमें SFDA और MEWA ने मिलकर काम किया। इस कदम से अब सऊदी खजूर की क्वालिटी और सुरक्षा पर पूरी दुनिया का भरोसा बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार करना पहले से आसान हो जाएगा।
उत्पादन और अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ेगा?
Ministry of Environment, Water and Agriculture के मुताबिक, सऊदी अरब खजूर के उत्पादन में 124% आत्मनिर्भर हो चुका है। सरकार अब तेल के अलावा अन्य चीजों से कमाई बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसमें Bateel International, Al-Masarat और Nawat Al Madinah जैसी बड़ी प्राइवेट कंपनियां भी अहम भूमिका निभा रही हैं ताकि सऊदी खजूर ग्लोबल मार्केट में टॉप पर रहे।