Saudi Arabia Defense Update: सऊदी अरब ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी, 23 ड्रोन और 3 मिसाइल हमले नाकाम होने के बाद लिया बड़ा फैसला
सऊदी अरब ने ईरान की तरफ से हो रहे लगातार हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पिछले 48 घंटों में ईरान की तरफ से दागे गए 23 ड्रोन और 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है. सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह अपने नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है. इस तनाव के बीच सऊदी सरकार ने कूटनीतिक रास्तों का समर्थन किया है लेकिन अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता न करने की बात कही है.
सऊदी अरब में किन जगहों को बनाया गया निशाना?
पिछले दो दिनों में सऊदी अरब के अहम ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है. रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 21 ड्रोन से Shaybah oil field पर हमला किया गया. इसके अलावा अल-खर्ज में Prince Sultan Air Base और रियाद के पूर्वी इलाकों की तरफ भी मिसाइलें दागी गईं.
सऊदी सेना ने अपनी एक्टिव डिफेंस रणनीति के तहत इन सभी 23 ड्रोन और 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया. लगातार हो रहे इन हमलों को लेकर सऊदी अरब ने कहा है कि यह सीधे तौर पर सुरक्षा और स्थिरता को बिगाड़ने की कोशिश है. Ras Tanura तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाने की कोशिश पहले की जा चुकी है जिसे नाकाम कर दिया गया था.
ईरान के बयानों पर सऊदी अरब का क्या है जवाब?
ईरान के राष्ट्रपति ने हाल ही में कहा था कि उनका पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. सऊदी अरब ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. सऊदी अधिकारियों का कहना है कि ईरान की बातें और जमीन पर उनके काम बिल्कुल अलग हैं. ईरान ने सऊदी अरब पर आरोप लगाया था कि सऊदी के लड़ाकू विमान युद्ध में हिस्सा ले रहे हैं.
सऊदी अरब ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए साफ किया है कि उनके विमान सिर्फ अपनी और Gulf Cooperation Council (GCC) देशों की हवाई सीमा की निगरानी और सुरक्षा के लिए गश्त कर रहे हैं. सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची को यह भी संदेश दिया है कि सऊदी अरब अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा. लेकिन अगर ईरान ने हमले जारी रखे तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान उसे ही उठाना पड़ेगा.
सऊदी में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए क्या है अपडेट?
खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सऊदी सरकार ने सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है. सरकार ने 1949 जिनेवा कन्वेंशन का हवाला देते हुए नागरिक और कूटनीतिक ठिकानों पर हमले को गलत बताया है. रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि वह किसी भी खतरे को पेशेवर तरीके से बेअसर करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
सऊदी अरब का जोर कूटनीति के जरिए शांति बनाए रखने पर है. ऊर्जा क्षेत्र और रिहायशी इलाकों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. आम लोगों के जीवन पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ा है और सभी व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं.





