सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। सऊदी सरकार ने मार्च 2026 से Professional Verification और Qualification Verification प्रोग्राम को पूरी तरह से सख्ती के साथ लागू कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब सऊदी में नौकरी करने के लिए सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है, बल्कि उसका वेरिफिकेशन होना अनिवार्य है। अगर आपकी डिग्री वेरीफाई नहीं हुई तो इकामा रिन्यू (Iqama Renewal) कराने में भारी दिक्कत आ सकती है।

नये नियम और डेडलाइन के बारे में जानिए

सऊदी के मानव संसाधन मंत्रालय (MHRSD) ने साफ कर दिया है कि यह नियम अब सिर्फ नए आने वालों के लिए नहीं है, बल्कि जो लोग पहले से वहां काम कर रहे हैं, उन पर भी लागू होगा। मार्च 2026 इसकी आखिरी डेडलाइन तय की गई है। इस तारीख तक सभी प्राइवेट कंपनियों को अपने विदेशी कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट नए डिजिटल सिस्टम पर शिफ्ट करने होंगे।

  • अगर कोई कर्मचारी स्किल टेस्ट में तीन बार फेल होता है या डिग्री फर्जी निकलती है, तो उसे डिपोर्ट (Deport) किया जा सकता है।
  • यह नियम 1,007 तरह की अलग-अलग नौकरियों पर लागू किया गया है।
  • अब Qualification Verification Program (QVP) के तहत डिग्री के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस लेटर की भी जांच की जा रही है।

Mosadaqa से डिग्री वेरीफाई कैसे करें?

अपनी डिग्री को वेरीफाई कराने के लिए आपको कहीं धक्के खाने की जरूरत नहीं है, यह काम ऑनलाइन ‘Mosadaqa’ पोर्टल के जरिए हो जाता है। इसके लिए आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

  • सबसे पहले Mosadaqa की वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाएं।
  • वहां अपनी ओरिजिनल डिग्री, मार्कशीट, पासपोर्ट और जॉब ऑफर लेटर की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  • इसके लिए करीब 300 से 400 सऊदी रियाल फीस लगती है।
  • प्रोसेस पूरा होने में आमतौर पर 10 से 15 दिन का समय लगता है।
  • ध्यान रखें कि अगर आप मास्टर डिग्री वेरीफाई करा रहे हैं, तो उससे पहले बैचलर डिग्री का वेरिफिकेशन होना जरूरी है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com