सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है। अगर कंपनी आपकी सैलरी देने में देरी कर रही है, तो अब आपको परेशान होने या लंबी कानूनी कार्रवाई करने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए एक नया और आसान डिजिटल तरीका शुरू किया है ताकि वर्कर्स को उनका पैसा जल्दी मिल सके।

कैसे लें अपना रुका हुआ पैसा

मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने बताया है कि जिन वर्कर्स की सैलरी रुकी हुई है, उन्हें सबसे पहले यह देखना होगा कि उनका कॉन्ट्रैक्ट एक ‘लागू करने योग्य दस्तावेज़’ (Enforceable Document) है या नहीं। अगर कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2025 के बाद अपडेट या साइन किया गया है, तो उसे लागू करने योग्य माना जाएगा।

वर्कर्स को सबसे पहले Qiwa platform पर जाकर अपने कॉन्ट्रैक्ट का स्टेटस चेक करना होगा। अगर सैलरी की तारीख से 30 दिन बीत चुके हैं और कंपनी ने पूरा पैसा नहीं दिया है, तो कर्मचारी सीधे Najiz platform के ज़रिए रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इस नए नियम के तहत अब लेबर कोर्ट में केस करने या आपसी समझौते की लंबी प्रक्रिया से गुज़रने की ज़रूरत नहीं होगी।

कॉन्ट्रैक्ट के लिए ज़रूरी तारीखें

सरकार ने इस नियम को तीन चरणों में लागू किया है ताकि कंपनियों और कर्मचारियों को आदत डालने का समय मिले:

  • 6 अक्टूबर 2025: नए या अपडेट किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए।
  • 6 मार्च 2026: रिन्यू किए गए फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए।
  • 6 अगस्त 2026: ओपन-एंडेड (बिना समय सीमा वाले) कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए।

सैलरी में देरी पर कंपनी पर होगी बड़ी कार्रवाई

सरकार ने वेतन सुरक्षा कार्यक्रम (WPP) और Mudad platform के ज़रिए निगरानी बढ़ा दी है। अगर कोई कंपनी सैलरी देने में लापरवाही करती है, तो उस पर कड़े जुर्माने लगाए जाएंगे।

देरी का समय सरकार का एक्शन
20 दिन की देरी मंत्रालय की टीम कंपनी का निरीक्षण (Inspection) करेगी।
2 महीने की देरी वर्क परमिट को छोड़कर कंपनी की सभी सरकारी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
3 महीने की देरी सभी सेवाएं पूरी तरह बंद और वर्कर बिना कंपनी की अनुमति के दूसरी नौकरी जॉइन कर सकेगा।

बैंकों को भी मिले निर्देश

सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने भी 2 अक्टूबर 2025 को बैंकों को निर्देश दिए हैं कि सैलरी और फाइनेंशियल सपोर्ट के ट्रांसफर में कोई देरी न हो। इसके लिए बैंकों को साफ़ नियम और प्रक्रिया का पालन करना होगा।

कंपनियों के लिए यह भी ज़रूरी है कि वे Qiwa platform पर अपने कॉन्ट्रैक्ट्स को डॉक्यूमेंट करें। जून 2026 तक कंपनियों के लिए 90% कॉन्ट्रैक्ट्स को डिजिटल रूप से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने वाली कंपनियों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिलना बंद हो सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.