Saudi Arabia ने दुनिया के सामने एक बड़ी मांग रखी है। उसने कहा कि मिडिल ईस्ट को परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त किया जाना चाहिए। Saudi अरब के मुताबिक, अगर दुनिया को सुरक्षित रखना है, तो परमाणु हथियारों को खत्म करना ही एकमात्र रास्ता है।
परमाणु हथियारों को हटाने के लिए सऊदी अरब की क्या मांग है?
संयुक्त राष्ट्र (UN) में Saudi अरब के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलअज़ीज़ अल वासिल ने इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों का पूरी तरह से खात्मा ही दुनिया की सुरक्षा की असली गारंटी है। सऊदी अरब का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यह कदम बहुत जरूरी है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे लागू करना इतना आसान नहीं होगा।
इसराइल इस संधि में शामिल क्यों नहीं है?
सऊदी अरब ने साफ कहा कि इस दिशा में सबसे बड़ी रुकावट Israel है। Israel परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हिस्सा नहीं है। दुनिया में यह माना जाता है कि Israel के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन वह इस बात की न तो पुष्टि करता है और न ही इनकार। इसे “परमाणु अस्पष्टता” की नीति कहा जाता है, जिस वजह से वह इस वैश्विक संधि से बाहर है।
परमाणु हथियारों को लेकर अन्य महत्वपूर्ण बातें
- संयुक्त राष्ट्र महासभा 1974 से हर साल मिडिल ईस्ट को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लक्ष्य का समर्थन करती आई है।
- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) उन देशों के परमाणु कार्यक्रमों की निगरानी करती है जिन्होंने NPT पर हस्ताक्षर किए हैं।
- अमेरिका और Saudi अरब के बीच एक नागरिक परमाणु समझौते पर चर्चा चल रही है, जिससे Saudi अरब को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल सकती है।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर Israel और ईरान के बीच लगातार तनाव देखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
परमाणु अप्रसार संधि (NPT) क्या है?
यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसका मकसद परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना, निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के प्रतिनिधि कौन हैं?
डॉ. अब्दुलअज़ीज़ अल वासिल संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने जुलाई 2022 में यह पद संभाला था।