सऊदी अरब ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Hormuz Strait (होर्मुज जलडमरूमध्य) को लेकर अपनी चिंता जताई है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस Faisal bin Farhan ने साफ कहा है कि इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही वैसी ही होनी चाहिए जैसी 28 फरवरी 2026 से पहले थी। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल इकोनॉमी और तेल की सप्लाई पर पड़ता है।

Hormuz Strait में क्या समस्या है और सऊदी की क्या मांग है?

28 फरवरी 2026 को एक क्षेत्रीय संकट शुरू हुआ था, जिसमें अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया और जहाजों के आने-जाने पर कई पाबंदियां लगा दीं। सऊदी अरब का मानना है कि इस रास्ते की सुरक्षा पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी है। प्रिंस Faisal bin Farhan ने Madrid में स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात पर जोर दिया कि यहाँ नौवहन (navigation) को जल्द से जल्द सामान्य किया जाना चाहिए।

ब्रिटेन और अन्य देशों ने इस संकट पर क्या कदम उठाए?

इस समस्या को सुलझाने के लिए सऊदी अरब अलग-अलग देशों के संपर्क में है। 12 मई 2026 को प्रिंस Faisal bin Farhan ने लंदन में ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर Jonathan Powell से मुलाकात की। इस मीटिंग में यह बात सामने आई कि समुद्री रास्ते को राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। ब्रिटेन ने इस रास्ते की सुरक्षा के लिए अपनी सैन्य ताकत तैनात करने का फैसला किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • HMS Dragon डिस्ट्रॉयर जहाज
  • Typhoon जेट विमान
  • ड्रोन रोकने वाले सिस्टम (Counter-drone systems)
  • समुद्र में बारूदी सुरंगों को खोजने वाले ऑटोनॉमस उपकरण

सऊदी अरब इस पूरे मामले में पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन कर रहा है, जिसने अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम करवाया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Hormuz Strait में समस्या की शुरुआत कब और कैसे हुई?

यह समस्या 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई जब अमेरिका और इसराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग पर नियंत्रण कर लिया और जहाजों के आवागमन पर पाबंदियां लगा दीं।

ब्रिटेन इस स्थिति को संभालने के लिए क्या कर रहा है?

ब्रिटेन ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए HMS Dragon जहाज, Typhoon जेट और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसे सैन्य संसाधन तैनात किए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com