सऊदी अरब के अल-खर्ज में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले की खबरों को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सोमवार, 8 जून 2026 को रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलकी ने एक बयान जारी कर इन अफवाहों को गलत बताया है। सोशल मीडिया पर चल रही हमले की खबरों के बीच सरकार ने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की अपील की है।
अल-खर्ज में आखिरकार क्यों बजी थी खतरे की घंटी?
सऊदी अरब के अल-खर्ज इलाके में तड़के सुबह चेतावनी देने वाले सायरन यानी खतरे की घंटी बजने से लोगों में घबराहट फैल गई थी। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि यह सायरन केवल एक एहतियाती कदम के रूप में बजाया गया था। दरअसल, यमन की तरफ से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल सऊदी सीमा के पास अचानक रडार से गायब हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। इस मिसाइल लॉन्च की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए अभी जांच चल रही है।
प्रिंस सुल्तान एयर बेस और सुरक्षा व्यवस्था
अल-खर्ज में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है, जहां अमेरिकी सेना के जवान भी तैनात हैं। पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व में चल रहे क्षेत्रीय तनाव के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही काफी कड़ी है। सऊदी सिविल डिफेंस ने अब अल-खर्ज में इस अलर्ट को पूरी तरह से समाप्त घोषित कर दिया है और लोगों को सामान्य स्थिति बहाल होने की जानकारी दी है।
नागरिकों और प्रवासियों के लिए सरकार ने जारी किए निर्देश
सऊदी सिविल डिफेंस ने स्थानीय लोगों और प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह से बचा जा सके:
- किसी भी आपातकालीन स्थिति में केवल सरकारी और आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें।
- घटना स्थलों पर भीड़ लगाने या सुरक्षा बलों के काम में बाधा डालने से पूरी तरह बचें।
- सुरक्षा से जुड़ी किसी भी गतिविधि या घटना का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने से परहेज करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर कोई हमला हुआ था?
नहीं, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस तरह की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है और इसे केवल एक अफवाह बताया है।
अल-खर्ज में चेतावनी वाले सायरन क्यों बजाए गए थे?
यमन से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल के सऊदी सीमा के पास रडार से गायब होने के बाद सुरक्षा के लिहाज से एहतियात के तौर पर सायरन बजाए गए थे।
