माली देश में हुए हिंसक हमलों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। सऊदी अरब ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है क्योंकि इनमें सेना के साथ-साथ आम नागरिकों को भी निशाना बनाया गया। यह हमला इतना बड़ा था कि वहां के सैन्य अधिकारियों के घरों तक को नहीं छोड़ा गया।

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माली में आखिर क्या हुआ और कौन थे हमलावर?

25 अप्रैल 2026 को माली में कई जगहों पर एक साथ हमले हुए। इन हमलों में Bamako एयरपोर्ट और उसके पास मौजूद सैन्य बेस को निशाना बनाया गया। रूस के विदेश मंत्रालय के मुताबिक करीब 250 लड़ाकों ने इस हमले को अंजाम दिया। जांच में सामने आया कि यह हमला अल-कायदा से जुड़े समूह JNIM और तुआरेग विद्रोहियों के समूह FLA ने मिलकर किया। माली की सेना को रोकने के लिए रूसी भाड़े के सैनिकों (Africa Corps) ने भी उनका साथ दिया।

सऊदी अरब और अन्य देशों ने इस पर क्या कहा?

Saudi Press Agency English (SPAENG) ने 26 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक ट्वीट के जरिए इन हमलों की निंदा की। सऊदी अरब के अलावा कई अन्य संस्थाओं ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है:

  • African Union: अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि इससे आम नागरिक बहुत मुश्किल में पड़ गए हैं।
  • OIC: संगठन के महासचिव ने भी इन हमलों के खिलाफ आवाज उठाई।
  • US Bureau of African Affairs: अमेरिका के इस विभाग ने भी माली में हुई हिंसा की निंदा की।

हमले का असर कितना गंभीर था?

इस हमले की वजह से माली के सैन्य शासन में हड़कंप मच गया। सैन्य शासक जनरल Assimi Goita के निवास के पास स्थित सैन्य बेस को निशाना बनाया गया। वहीं, रक्षा मंत्री Sadio Camara का घर पूरी तरह तबाह हो गया, हालांकि उनके करीबियों ने बताया कि वह उस समय घर पर नहीं थे और सुरक्षित हैं। जानकारों का मानना है कि साल 2012 के बाद से माली में इतना बड़ा और संगठित हमला पहली बार देखा गया है।