سعودی عرب ने हज यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए तकनीक का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। साल 2026 यानी हज 1447 हिजरी के इस सीजन में पवित्र स्थलों पर मरीजों तक दवाएं और मेडिकल सप्लाई पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। इस तकनीक की मदद से अस्पतालों के बीच जरूरी दवाओं और खून के बैग पहुंचाने का समय डेढ़ घंटे से घटकर मात्र 5 से 6 मिनट रह गया है। इस आधुनिक कदम से आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा।

हज यात्रा में ड्रोन तकनीक से कैसे मिलेगी मदद?

सज के पवित्र स्थलों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ी तैयारी की है। स्वास्थ्य मंत्री फहद अल-जलाजेल के अनुसार, ड्रोन से दवा और चिकित्सा आपूर्ति भेजने की इस सेवा के लिए पिछले दो वर्षों से लगातार योजना बनाई जा रही थी और कई परीक्षण किए गए थे। इस सेवा के शुरू होने से गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज में लगने वाला समय 90 मिनट से घटकर केवल 5 या 6 मिनट रह गया है।

इसके अलावा, नेशनल कंपनी फॉर यूनिफाइड परचेज (नूपको) के मुख्य परिचालन अधिकारी फहद अल-बुतही ने बताया कि कंपनी ने हज सीजन के दौरान दवाएं ले जाने के लिए 5 विशेष ड्रोन तैनात किए हैं। ये ड्रोन 3 से 5 किलोग्राम तक का वजन उठाने में सक्षम हैं और इनके साथ स्मार्ट बैग दिए गए हैं जिससे डॉक्टर मौके पर ही मरीजों का प्राथमिक इलाज कर सकें। इस पूरी व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए stc ग्रुप ने पवित्र स्थलों में ड्रोन के जरिए 5G फ्लाइंग साइट सर्विस भी शुरू की है।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए भी तैनात हुए ड्रोन

ड्रोन का इस्तेमाल केवल चिकित्सा क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा और राहत कार्यों में भी इसकी बड़ी भूमिका तय की गई है। इस बार सुरक्षा बलों और नागरिक सुरक्षा विभाग की तरफ से अलग-अलग कामों के लिए ड्रोन तैनात किए गए हैं।

  • अग्निशमन और बचाव कार्य: नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय ने ‘सक्र’ (Saqr) नाम का एक आधुनिक ड्रोन लॉन्च किया है। यह ड्रोन दुर्गम और ऊंचाई वाले स्थानों पर आग बुझाने और राहत कार्य करने में सक्षम है और इसकी पेलोड क्षमता 40 किलोग्राम तक की है।
  • सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण: ड्रोन विशेषज्ञ इंजीनियर हुसैन अल-अंदस के अनुसार, भीड़ पर नजर रखने के लिए थर्मल और नाइट विजन कैमरों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है जो सीधे कंट्रोल रूम को लाइव फीड भेजते हैं।
  • अवैध प्रवासियों पर नजर: सुरक्षा विशेषज्ञ सेवानिवृत्त मेजर जनरल हुसैन अल-हारथी ने बताया कि बिना परमिट के हज करने वाले लोगों और अवैध रूप से सीमा पार कराने वाले वाहनों की पहचान करने में ड्रोन काफी मददगार साबित हो रहे हैं।
  • हवाई क्षेत्र की सुरक्षा: रक्षा मंत्रालय पवित्र स्थलों के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा संभाल रहा है और बिना अनुमति के उड़ने वाले अनधिकृत ड्रोन की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में ड्रोन से दवा पहुंचाने में अब कितना समय लगेगा?

पहले पवित्र स्थलों के अस्पतालों के बीच दवा और मेडिकल सामान पहुंचाने में लगभग 90 मिनट का समय लगता था, लेकिन अब ड्रोन की मदद से यह काम महज 5 से 6 मिनट में पूरा हो जाएगा।

सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने राहत कार्य के लिए कौन सा ड्रोन तैनात किया है?

नागरिक सुरक्षा विभाग ने ‘सक्र’ (Saqr) नाम का ड्रोन तैनात किया है, जो 40 किलोग्राम तक की वजन क्षमता के साथ ऊंचाई वाले और कठिन रास्तों पर आग बुझाने और बचाव कार्य करने में सक्षम है।

क्या हज के दौरान अनधिकृत ड्रोन उड़ाने की अनुमति है?

नहीं, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि पवित्र स्थलों के ऊपर बिना अनुमति के कोई भी ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकता है और अनधिकृत ड्रोन को रोकने के लिए हवाई क्षेत्र की सुरक्षा कड़ी की गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com