Saudi Arabia New Law: सऊदी ने एक हफ्ते में 10 हजार से ज्यादा प्रवासियों को किया डिपोर्ट, 14 हजार गिरफ्तार

सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और चिंताजनक खबर आई है। सऊदी सरकार ने अवैध तरीके से रह रहे लोगों के खिलाफ बहुत बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सिर्फ एक हफ्ते के अंदर हजारों लोगों को देश से बाहर निकाला गया और हजारों को गिरफ्तार किया गया। यह खबर उन सभी प्रवासियों के लिए एक सख्त चेतावनी है, खासकर भारतीयों के लिए, जो अपने कागजात पूरे नहीं रखते या गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे हैं।
हजारों प्रवासियों पर गिरी गाज
सऊदी अरब के Ministry of Interior ने शनिवार को आधिकारिक जानकारी दी कि 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच सुरक्षा बलों और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस अभियान के दौरान कुल 10,827 अवैध निवासियों को डिपोर्ट यानी देश से बाहर भेज दिया गया। इतना ही नहीं, इस एक हफ्ते के भीतर 14,440 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
पकड़े गए लोगों की श्रेणी को देखें तो 7,090 लोगों ने रेजिडेंसी कानून (इकामा नियम) का उल्लंघन किया था। वहीं 3,932 लोग बॉर्डर सिक्योरिटी कानून और 3,418 लोग लेबर लॉ (कामकाज से जुड़े नियम) को तोड़ने के दोषी पाए गए। यह कार्रवाई साफ करती है कि सरकार अब नियमों को लेकर कोई ढील नहीं देने वाली है।
कागजात और यात्रा की तैयारी
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सरकार ने अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया को बहुत तेज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 18,131 उल्लंघनकर्ताओं को उनके देशों के राजनयिक मिशनों (एम्बेसी) के पास भेजा गया है ताकि उनके यात्रा दस्तावेज और पासपोर्ट तैयार किए जा सकें। इसके अलावा, 6,357 लोगों को अपनी यात्रा की बुकिंग पूरी करने का निर्देश दिया गया है ताकि उन्हें जल्द से जल्द उनके देश भेजा जा सके।
बॉर्डर पार करने वालों पर सख्त नजर
सऊदी अरब की सीमाओं पर भी सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। सरकार ने बताया कि 1,593 लोगों को अवैध रूप से देश में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए लोगों में 40 प्रतिशत यमनी और 59 प्रतिशत इथियोपियाई नागरिक थे, जबकि 1 प्रतिशत लोग अन्य देशों के थे। इसके अलावा, 32 लोगों को गैरकानूनी तरीके से देश छोड़ने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है।
मदद करने वालों के लिए भारी जुर्माना और जेल
सऊदी सरकार ने उन लोगों को भी नहीं बख्शा जो अवैध प्रवासियों को शरण दे रहे थे। इस मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने इन उल्लंघनकर्ताओं को रहने की जगह, गाड़ी या नौकरी देने में मदद की थी।
Ministry of Interior ने एक सख्त चेतावनी जारी की है कि जो कोई भी अवैध प्रवासियों को पनाह देगा, उन्हें ट्रांसपोर्ट की सुविधा देगा या किसी भी तरह की मदद करेगा, उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 10 लाख सऊदी रियाल (SR1 million) तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और उल्लंघन में इस्तेमाल की गई गाड़ी या प्रॉपर्टी को सरकार जब्त कर लेगी।
फिलहाल 32,012 प्रवासी, जिनमें 29,995 पुरुष और 2,017 महिलाएं शामिल हैं, कानूनी कार्यवाही के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में सभी प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पासपोर्ट और इकामा की वैधता की जांच कर लें और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहें। सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह के उल्लंघन की जानकारी इमरजेंसी नंबरों पर दें।