सऊदी अरब में बिना कागजात रहने वाले प्रवासियों के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। सरकार ने एक हफ्ते के भीतर करीब 8,000 लोगों को देश से बाहर निकाल दिया है। सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने पूरे देश में रेजिडेंसी, लेबर और बॉर्डर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है।

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 4 जून से 10 जून 2026 के बीच कुल 7,989 प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया। सुरक्षा बलों ने मिलकर कई जगहों पर जांच अभियान चलाया और नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की।

पकड़े गए लोगों का ब्यौरा

डिपोर्ट किए गए लोगों के अलावा, इसी दौरान 10,700 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कई लोग रेजिडेंसी और लेबर नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।

उल्लंघन का प्रकार लोगों की संख्या
रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन 5,899
बॉर्डर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन 3,084
लेबर कानूनों का उल्लंघन 1,742
गैरकानूनी तरीके से घुसपैठ की कोशिश 1,418
गैरकानूनी तरीके से देश छोड़ने की कोशिश 34
मदद करने वाले (शेल्टर या नौकरी देना) 18
कुल डिपोर्ट किए गए लोग 7,989

घुसपैठ करने वालों में 55 प्रतिशत इथियोपियाई और 43 प्रतिशत यमनी नागरिक थे। फिलहाल करीब 22,000 प्रवासी कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं, जिनमें से 14,268 लोगों को उनके देशों के दूतावास भेजा गया है ताकि वे ट्रेवल डॉक्यूमेंट बनवा सकें।

मदद करने वालों को मिलेगी कड़ी सजा

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने साफ चेतावनी दी है कि जो कोई भी अवैध प्रवासियों को शरण देगा, उन्हें नौकरी पर रखेगा या ट्रांसपोर्ट की सुविधा देगा, उसे भारी सजा भुगतनी होगी। ऐसे लोगों को 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, अपराध में इस्तेमाल गाड़ियां या प्रॉपर्टी भी जब्त की जा सकती है।

सरकार ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी उल्लंघन की जानकारी हेल्पलाइन नंबरों पर दें। मक्का, रियाद और पूर्वी इलाकों के लिए 911 और बाकी जगहों के लिए 999 या 996 नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय भाई भी अपने कागजात दुरुस्त रखें ताकि ऐसी किसी भी परेशानी से बचा जा सके।