Saudi Arabia Deports Expats: सऊदी अरब में बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना पड़ा भारी, तीन प्रवासी देश से डिपोर्ट

सऊदी अरब में गैरकानूनी तरीके से यात्रियों को गाड़ी में बिठाकर घुमाने वाले प्रवासियों पर सरकार का चाबुक पूरी तरह से चल गया है। सऊदी ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी यानी TGA ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए तीन विदेशी नागरिकों को देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह कार्रवाई उन लोगों पर की गई जो बिना किसी वैध लाइसेंस के अपनी निजी गाड़ियों में यात्रियों को ढो रहे थे। पकड़े गए इन लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां सफर करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर बेहद जरूरी और सबक सिखाने वाली है।
सख्त नियमों के तहत हुई बड़ी कार्रवाई
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर सामने आई। जिन तीन प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया है, उनकी पहचान मिस्र, भारत और चाड के रूप में हुई है। सऊदी अरब के कानून ऑन रोड ट्रांसपोर्ट के अनुसार बिना किसी आधिकारिक अनुमति के यात्रियों को ले जाना पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाता है। सरकार देश में सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए लगातार ऐसे लोगों पर नजर रख रही है। इसके लिए समय-समय पर चेकिंग अभियान भी चलाए जाते हैं, ताकि बिना लाइसेंस वाले वाहन चालकों पर नकेल कसी जा सके।
कब्जे में ली जा सकती है गाड़ी और लग सकता है भारी जुर्माना
सऊदी यातायात नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना परमिट के यात्रियों को अपनी गाड़ी में बैठाता है या सड़क पर घूम-घूमकर यात्रियों को बुलाता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा उनकी गाड़ी को भी 60 दिनों तक के लिए जब्त किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उस वाहन को पब्लिक नीलामी में भी बेचा जा सकता है। विदेशी नागरिकों के लिए इस तरह के मामलों में नियम और भी ज्यादा कड़े हैं, जहाँ सजा पूरी होने के बाद उन्हें सीधा उनके देश डिपोर्ट कर दिया जाता है। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दी गई है।
भारतीय प्रवासियों के लिए जरूरी चेतावनी
सऊदी अरब या किसी भी अन्य खाड़ी देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को हमेशा वहां के स्थानीय कानूनों का सख्ती से पालन करना चाहिए। छोटी सी लापरवाही या अतिरिक्त पैसे कमाने के चक्कर में बिना लाइसेंस के पैसेंजर ट्रांसपोर्ट का काम करना कानूनी रूप से बहुत भारी पड़ सकता है। नौकरी या रोजगार की तलाश में विदेश गए लोगों को ऐसे गैरकानूनी कामों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए, वरना न सिर्फ नौकरी हाथ से जाएगी बल्कि हमेशा के लिए देश छोड़ने की नौबत आ सकती है।