सऊदी अरब ने साल 2026 को ‘Year of Artificial Intelligence’ यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का साल घोषित किया है। सऊदी कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है ताकि देश को डेटा और एआई के ग्लोबल हब के रूप में आगे लाया जा सके। यह पूरी योजना क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है। इस कदम से आने वाले समय में सरकारी कामकाज और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
सऊदी अरब के एआई साल 2026 की खास बातें क्या हैं?
सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) ने 3 मई 2026 को इस खास साल के लिए जरूरी गाइडलाइन्स जारी की हैं। इनका मकसद देश में एआई को लेकर जागरूकता बढ़ाना और बड़े प्रोजेक्ट्स को लागू करना है। इस साल के लिए एक खास लोगो भी तैयार किया गया है जिसमें खजूर के पेड़ के साथ ‘AI’ लिखा है। इसमें हरा रंग सऊदी flag और पहचान को दिखाता है, जबकि नीला रंग डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रतीक है। सोशल मीडिया पर इसके लिए #SaudiAIYear हैशटैग का इस्तेमाल किया जाएगा।
- ऑफिशियल मंजूरी: सऊदी कैबिनेट ने 10 मार्च 2026 को इस फैसले पर मुहर लगाई।
- बड़ा इवेंट: सितंबर 2026 में ग्लोबल एआई समिट का चौथा संस्करण आयोजित किया जाएगा।
- ग्लोबल पहचान: सऊदी अरब एआई के क्षेत्र में ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन एआई (GPAI) में शामिल होने वाला पहला अरब देश बना है।
टेक्नोलॉजी और डेटा के मामले में सऊदी अरब कहाँ खड़ा है?
सऊदी अरब ने एआई के क्षेत्र में बहुत तेज़ी से तरक्की की है और कई ग्लोबल रैंकिंग्स में अपनी जगह बनाई है। सरकार ने इस सेक्टर में भारी निवेश किया है जिससे डिजिटल इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।
| क्षेत्र/उपलब्धि | डेटा और रैंकिंग |
|---|---|
| ग्लोबल एआई इंडेक्स 2025 | दुनिया में 14वां स्थान |
| OECD एआई पॉलिसी ऑब्जर्वेटरी | दुनिया में तीसरा स्थान |
| अरब जगत में रैंकिंग | एडवांस एआई मॉडल डेवलपमेंट में पहले नंबर पर |
| सरकारी खर्च (2024) | उभरती टेक्नोलॉजी पर खर्च में 56% की बढ़ोत्तरी |
| फंडिंग | सऊदी एआई कंपनियों को करीब 9.1 बिलियन डॉलर मिले |
आम लोगों और कामकाज पर इसका क्या असर पड़ेगा?
सऊदी अरब अब सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे सिस्टम बनाएगा जो असल जिंदगी के फैसले ले सकें। रियाद में ‘हेक्सागन डेटा सेंटर’ शुरू किया गया है, जो 480 मेगावाट क्षमता के साथ दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर है। इसके साथ ही शाहीन III सुपरकंप्यूटर और नेशनल डेटा लेक जैसे प्रोजेक्ट्स सरकारी सिस्टम को आपस में जोड़ेंगे। अब तक 11,000 से ज़्यादा एआई स्पेशलिस्ट्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है और SAMAI प्रोग्राम के ज़रिए 10 लाख से ज़्यादा लोग इस तकनीक से जुड़ चुके हैं। सरकारी कर्मचारियों में से करीब दो-तिहाई लोग अब रोज़ाना एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने 2026 को एआई का साल क्यों घोषित किया?
सऊदी अरब ने 2026 को एआई का साल इसलिए घोषित किया है ताकि वह डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बन सके और विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा कर सके।
SDAIA की इस योजना में क्या खास है?
SDAIA ने पूरे देश में एआई को बढ़ावा देने के लिए गाइडलाइन्स, एक खास लोगो और #SaudiAIYear हैशटैग जारी किया है। साथ ही सितंबर 2026 में ग्लोबल एआई समिट का आयोजन किया जाएगा।