सऊदी अरब ने भविष्य की तकनीक की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाने का फैसला किया है। सऊदी कैबिनेट ने साल 2026 को आधिकारिक तौर पर ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का वर्ष’ घोषित कर दिया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले का मकसद सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों को पूरा करना और देश को तकनीक का ग्लोबल हब बनाना है।
सऊदी अरब में AI को लेकर क्या है सरकार का नया मास्टर प्लान?
सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) इस पूरे अभियान की देखरेख कर रही है। सरकार ने इसके लिए एक खास लोगो और गाइडलाइंस भी जारी की हैं ताकि पूरे देश में तकनीक को लेकर एक जैसा माहौल बने। किंगडम का लक्ष्य है कि वह दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाए जो अपनी अर्थव्यवस्था को तेल के बजाय आधुनिक तकनीक के दम पर चलाते हैं। SDAIA के अध्यक्ष अब्दुल्ला बिन शराफ अल-घमदी ने कहा कि यह फैसला सऊदी अरब की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगा।
- अदालतों में बदलाव: सऊदी की न्याय प्रणाली में अब AI का इस्तेमाल तेज़ी से शुरू किया जाएगा ताकि कानूनी काम जल्दी निपट सकें।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर: शाहीन III जैसे सुपरकंप्यूटर और दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर ‘हेक्सागन’ इसके लिए तैयार किया गया है।
- प्रशिक्षण: सरकार ने अब तक 11,000 से ज़्यादा विशेषज्ञों को AI के क्षेत्र में ट्रेनिंग दी है।
आंकड़ों की नज़र में सऊदी अरब की तकनीकी तरक्की
सऊदी अरब में AI सेक्टर में निवेश और कंपनियों की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में कमर्शियल रजिस्ट्रेशन में 240% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। सरकार तकनीक पर खर्च लगातार बढ़ा रही है ताकि देश में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए सरकारी सेवाएं और भी ज़्यादा आसान हो सकें।
| मुख्य जानकारी | उपलब्धि और डेटा |
|---|---|
| AI सेक्टर में कुल रजिस्ट्रेशन | 19,600 (साल 2025 के अंत तक) |
| AI सेक्टर में कुल फंडिंग | 9.1 बिलियन डॉलर |
| ग्लोबल AI इंडेक्स 2025 रैंक | दुनिया भर में 14वां स्थान |
| SAMAI पहल में भागीदारी | 10 लाख से अधिक लोग |
इस नई पहल से सऊदी अरब में काम कर रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए भी रोज़गार के नए रास्ते खुलेंगे। आने वाले समय में यहाँ डिजिटल सिस्टम और स्मार्ट सेवाओं का इस्तेमाल और बढ़ जाएगा जिससे वीज़ा, वर्क परमिट और अन्य ज़रूरी कागज़ी काम और भी ज़्यादा पारदर्शी और तेज़ हो जाएंगे।
