सऊदी अरब की कैबिनेट ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में एक बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को सरकार ने आधिकारिक तौर पर साल 2026 को ‘Year of Artificial Intelligence’ (AI) घोषित किया है। यह कदम सऊदी विजन 2030 का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद देश को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाना है। अब तक सऊदी अरब में काम कर रही AI कंपनियों ने करीब 9.1 बिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है।

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सरकार ने जारी किया नया लोगो और डाटा

इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए Saudi Data and Artificial Intelligence Authority (SDAIA) ने एक नया लोगो लॉन्च किया है। इस लोगो में हरे रंग का खजूर का पेड़ और नीले रंग में ‘AI’ लिखा है। खजूर का पेड़ राष्ट्रीय पहचान को बताता है, जबकि नीला रंग डिजिटल तकनीक की पहचान है। सोशल मीडिया पर भी #SaudiAIYear के नाम से नया अभियान शुरू किया गया है।

सऊदी अरब ने इस क्षेत्र में काफी तेजी से काम किया है। 2026 के पब्लिक सेक्टर AI अडॉप्शन इंडेक्स में देश को दुनिया में पहला स्थान मिला है। इसके अलावा सरकार ने दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सुविधा केंद्र ‘Hexagon Data Center’ भी बनाया है जिसकी क्षमता 480 मेगावाट है। 2024 में उभरती हुई तकनीकों पर सरकारी खर्च में 56% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

नौकरी और शिक्षा में हुए बड़े बदलाव

इस घोषणा का असर आम लोगों के साथ-साथ वहां काम करने वाले प्रवासियों और छात्रों पर भी पड़ रहा है। सरकार ने SAMAI पहल के तहत अब तक 12 लाख से अधिक नागरिकों को AI की ट्रेनिंग दी है। विश्वविद्यालयों में भी AI की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि आने वाले समय के लिए युवा पहले से तैयार रहें।

वर्तमान में सऊदी अरब के लगभग दो-तिहाई सरकारी कर्मचारी अपने रोज़मर्रा के काम में AI टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। 11 सरकारी मंत्रालयों के साथ मिलकर पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने का काम लगातार चल रहा है। इन नई तकनीकों के विस्तार से आईटी और टेक सेक्टर में काम करने वाले स्थानीय नागरिकों और विदेशी कर्मचारियों के लिए नए मौके बन रहे हैं।