सऊदी अरब ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब साल 2026 को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ यानी AI का साल माना जाएगा। सऊदी कैबिनेट ने मंगलवार को इस बात पर अपनी मंजूरी दे दी है। यह कदम सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने और देश को तकनीक की दुनिया में सबसे आगे ले जाने के लिए उठाया गया है।

सऊदी अरब के AI मिशन में क्या खास है और कौन कर रहा है नेतृत्व?

इस पूरी योजना के पीछे क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman का बड़ा हाथ है, जो SDAIA के चेयरमैन भी हैं। 11 मार्च 2026 को Saudi Data and Artificial Intelligence Authority (SDAIA) ने इस साल के लिए एक खास लोगो भी लॉन्च किया। इस लोगो में हरे रंग का खजूर का पेड़ सऊदी की विरासत को और नीला रंग डिजिटल तरक्की को बताता है।

SDAIA के अध्यक्ष Abdullah Al-Ghamdi ने बताया कि सरकार तीन मुख्य बातों पर काम कर रही है। इसमें लोगों की क्षमता बढ़ाना, एक मजबूत AI सिस्टम बनाना और तकनीक के सही इस्तेमाल के लिए नियम बनाना शामिल है। किंग सऊद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर Muhammad Khurram Khan ने इसे डिजिटल बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

AI को बढ़ावा देने के लिए सऊदी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

सऊदी अरब सिर्फ घोषणाएं नहीं कर रहा, बल्कि जमीन पर काम भी हो रहा है। सरकार ने AI इन्वेस्टमेंट के लिए PIF के जरिए ‘Humain’ नाम की कंपनी शुरू की है। साथ ही, 27 अप्रैल 2026 को ‘SUSTAIN’ नाम का एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया। इसे World Economic Forum और Bain & Company के साथ मिलकर बनाया गया है, जिससे 2030 तक सऊदी में 20 बिलियन डॉलर तक का फायदा हो सकता है।

तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सऊदी ने Hexagon Data Center बनाया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर है। इसके अलावा Shaheen III सुपरकंप्यूटर भी शुरू किया गया है।

विवरण आंकड़े / जानकारी
तकनीक पर सरकारी खर्च (2024) 56 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी
AI कंपनियों को मिली फंडिंग 9.1 बिलियन डॉलर
Hexagon डेटा सेंटर क्षमता 480 मेगावाट
ट्रेनिंग पा चुके स्पेशलिस्ट 11,000 से ज्यादा
SAMAI प्रोग्राम के प्रतिभागी 10 लाख से ज्यादा
SUSTAIN प्लेटफॉर्म से संभावित लाभ 20 बिलियन डॉलर (2030 तक)

भारत और दुनिया के साथ सऊदी का AI कनेक्शन क्या है?

सऊदी अरब अब दुनिया के साथ मिलकर काम कर रहा है। 26 अप्रैल 2026 को SDAIA के अध्यक्ष Abdullah Al-Ghamdi ने India AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लिया और भारत के साथ अपने AI लक्ष्यों को साझा किया। सऊदी अरब Global Partnership on AI (GPAI) में शामिल होने वाला पहला अरब देश बन गया है। इसके अलावा, रियाद में UNESCO के सहयोग से ICAIRE सेंटर खोला गया है, ताकि AI का इस्तेमाल नैतिकता और ईमानदारी से किया जा सके।