सऊदी अरब ने यमन में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब वहां के 500 महिला और पुरुष शिक्षकों को डिजिटल तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस पहल का मकसद यमन के स्कूलों में पढ़ाई के तरीके को आधुनिक बनाना और शिक्षकों को नई तकनीक से जोड़ना है।

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इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी Saudi Development and Reconstruction Program for Yemen (SDRPY) ने ली है। इस काम को पूरा करने के लिए King Abdulaziz University के Almobdioon Center for Studies and Research के साथ साझेदारी की गई है। इस डिजिटल प्रोजेक्ट के लिए जून 2026 में एक समझौते पर दस्तखत किए गए थे।

इन इलाकों के शिक्षकों को मिलेगा फायदा

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में यमन के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षकों को चुना गया है। मुख्य रूप से Aden, Hadramout, Al-Mahra और Socotra के 500 शिक्षक इस ट्रेनिंग का हिस्सा बनेंगे। यह प्रोग्राम खास तरीके से तैयार किया गया है जिसमें शिक्षकों को आमने-सामने बैठकर भी सिखाया जाएगा और वर्चुअल लर्निंग यानी ऑनलाइन क्लास भी दी जाएंगी।

क्या सीखेंगे यमन के शिक्षक

इस ट्रेनिंग कोर्स को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है ताकि शिक्षक पूरी तरह से तकनीक में माहिर हो सकें:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): शिक्षकों को AI टूल्स का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा जिससे वे पढ़ाई के लिए नया और डिजिटल कंटेंट तैयार कर सकें।
  • डिजिटल इंस्ट्रक्शनल डिजाइन: इसमें डिजिटल तरीके से पढ़ाई की योजना बनाने और इंटरैक्टिव कंटेंट विकसित करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस समझौते के दौरान यमन के प्लानिंग और इंटरनेशनल कोऑपरेशन मिनिस्टर Afrah Al-Zouba और शिक्षा विभाग के डिप्टी मिनिस्टर Zaid Qahtan ने वर्चुअली हिस्सा लिया। इस कोशिश से यमन के क्लासरूम अब और आधुनिक होंगे और शिक्षकों की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी।

सऊदी अरब लंबे समय से यमन में शिक्षा के क्षेत्र में मदद कर रहा है। इसके तहत मॉडल स्कूल बनाना, यूनिवर्सिटी का विकास करना और नए कॉलेज व संस्थान खोलना जैसे काम किए जा रहे हैं।