सऊदी अरब जाने वाले हज यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब उन्हें देश के अंदर आने-जाने के लिए अपना असली पासपोर्ट साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने डिजिटल विज़िटर पहचान पत्र की सुविधा शुरू की है, जिससे पूरी यात्रा आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
डिजिटल नुसुक (Nusuk) कार्ड क्या है और इसे कैसे पाएं?
सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने साफ किया है कि नुसुक (Nusuk) कार्ड अब हज यात्रियों के लिए आधिकारिक और अनिवार्य डिजिटल पहचान बन गया है। इसके बिना मक्का, मस्जिद अल-हराम, मीना, अराफात और मुजदलिफा जैसे पवित्र स्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। यात्री इसे नीचे दिए गए तरीकों से प्राप्त कर सकते हैं:
- Nusuk एप्लिकेशन के जरिए डिजिटल कार्ड आवेदन करें।
- Tawakkalna ऐप का इस्तेमाल करके अपनी डिजिटल पहचान वेरिफाई करें।
- हज की पूरी अवधि के दौरान इस कार्ड का डिजिटल या प्रिंटेड वर्जन अपने पास रखें।
डिजिटल पहचान पत्र के फायदे और सरकारी नियम
जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स के प्रवक्ता मेजर नासिर अल-ओतैबी ने बताया कि इस सेवा का मकसद यात्रियों के कामों को आसान बनाना है। यह डिजिटल पहचान पत्र अब एक औपचारिक दस्तावेज माना जाएगा, जिससे अंदरूनी यात्रा के दौरान पासपोर्ट ले जाने की मजबूरी खत्म हो गई है।
यह व्यवस्था सऊदी विज़न 2030 के तहत डिजिटल बदलाव का हिस्सा है। इसके लिए Absher और Tawakkalna प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) ने भी इस सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद की है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या हज यात्रियों के लिए नुसुक (Nusuk) कार्ड अनिवार्य है?
हाँ, पवित्र स्थलों जैसे मक्का, मीना और अराफात में प्रवेश के लिए यह एकमात्र अनिवार्य डिजिटल पहचान है। इसके बिना प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
डिजिटल पहचान पत्र के लिए कौन से ऐप्स का इस्तेमाल करना होगा?
यात्री अपनी डिजिटल पहचान और नुसुक कार्ड के लिए Nusuk, Tawakkalna और Absher प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।