अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है और दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं. इस बीच सऊदी अरब ने मामले को सुलझाने के लिए अपनी कूटनीति शुरू कर दी है. सऊदी के बड़े अधिकारियों ने ईरान और अमेरिका दोनों के साथ बातचीत की है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे.
ईरान और अमेरिका के साथ सऊदी की चर्चा
सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने 10 जुलाई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात की. इस बातचीत में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के बाद की स्थिति और क्षेत्र में बढ़ रही हलचल पर चर्चा हुई.
इसी दिन सऊदी अरब की अमेरिका में राजदूत Princess Reema bint Bandar ने US Secretary Rubio से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दोहराया गया और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया गया. कुछ लोगों का मानना है कि अब सीधे विदेश मंत्रियों की जगह राजदूत स्तर पर बातचीत होने से अमेरिका की ईरान नीति पर सऊदी के प्रभाव में कमी आई है.
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव और ट्रंप का बयान
यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ जब ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमला किया और जवाब में अमेरिका ने भी ईरानी ठिकानों पर हमले किए. राष्ट्रपति Donald Trump ने 10 जुलाई को साफ कहा कि ईरान के साथ सीजफायर अब खत्म हो गया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत का रास्ता खुला रखेगा.
इस तनाव को कम करने और बातचीत फिर से शुरू कराने के लिए कतर, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश भी कोशिश कर रहे हैं.
कनाडा के साथ रक्षा सहयोग
क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपने अन्य अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को भी मजबूत किया. सऊदी रक्षा मंत्री Prince Khalid bin Salman ने 10 जुलाई को कनाडा के रक्षा मंत्री David McGuinty से मुलाकात की. इस मीटिंग में सऊदी और कनाडा के रिश्तों, रक्षा सहयोग और दुनिया में हो रहे बदलावों पर चर्चा हुई.
