सऊदी अरब के मक्का में एक हैरान कर देने वाला और सराहनीय मामला सामने आया है। किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी के डॉक्टरों ने एक इंडोनेशियाई महिला हज यात्री की जान बचाई है। इस महिला के दिमाग में 8 सेंटीमीटर से बड़ा ट्यूमर था, जिसे डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक बाहर निकाला। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गंभीर सर्जरी के महज 40 घंटों के भीतर ही महिला ठीक होकर अराफात में अपनी हज यात्रा पूरी करने वापस लौट गईं।

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क्या थी महिला की बीमारी और डॉक्टरों ने कैसे किया यह सफल ऑपरेशन?

इंडोनेशिया से आई इस महिला हज यात्री को मक्का के किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उनके दिमाग में 8 सेंटीमीटर से भी बड़ा एक विशाल ट्यूमर था। इस ट्यूमर की वजह से उनके दिमाग के टिशू पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा था और दिमाग में पानी जमा होने की गंभीर समस्या हो गई थी। मक्का हेल्थ क्लस्टर के तहत आने वाले इस मेडिकल सेंटर के न्यूरोसाइंस विभाग के डॉक्टरों ने तुरंत फैसला लिया और एक आपातकालीन सर्जरी करके पूरे ट्यूमर को बिना किसी नुकसान के बाहर निकाल दिया।

सिर्फ 40 घंटे में अस्पताल से छुट्टी और अराफात के लिए रवानगी

डॉक्टरों की टीम के अनुसार, यह सर्जरी बेहद कठिन थी लेकिन मरीज की रिकवरी बहुत तेजी से हुई। सर्जरी होने के 24 घंटे के भीतर ही महिला को पूरा होश आ गया और उन्होंने अपने हाथ-पैर हिलाने भी शुरू कर दिए। वह पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रही थीं। इसके बाद, इलाज शुरू होने के ठीक 40 घंटे के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वह 9 धुल-हिज्जा की सुबह अराफात के लिए रवाना हो गईं ताकि अपनी हज की बची हुई रस्मों को पूरा कर सकें।

सऊदी अरब के स्वास्थ्य सिस्टम की बड़ी कामयाबी

यह सफल इलाज सऊदी अरब के अर्जेंट केयर मॉडल के तहत किया गया है। यह मॉडल देश के हेल्थ सेक्टर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम और विजन 2030 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हज के दौरान लाखों की भीड़ के बीच भी इस तरह की आपातकालीन और जटिल न्यूरोलॉजिकल सर्जरी को इतनी तेजी से अंजाम देना सऊदी के मेडिकल सिस्टम की बेहतरीन तैयारियों को दिखाता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इंडोनेशियाई महिला हज यात्री को क्या बीमारी थी?

महिला यात्री के दिमाग में 8 सेंटीमीटर से भी बड़ा एक विशाल ट्यूमर था, जिससे दिमाग के टिशू पर गंभीर दबाव बन रहा था और पानी जमा होने की समस्या हो गई थी।

सर्जरी के बाद महिला को ठीक होने में कितना समय लगा?

सर्जरी के महज 24 घंटे के भीतर महिला को पूरा होश आ गया और वह चलने-फिरने लगीं। इलाज शुरू होने के 40 घंटे के अंदर उन्हें अराफात में हज पूरा करने के लिए अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.