सऊदी अरब की सीमा में ड्रोन के जरिए हमला करने की कोशिश की गई जिसे समय रहते रोक लिया गया। इस घटना के बाद सऊदी अरब के साथ-साथ मिस्र और UAE ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमलावर ड्रोन इराक की तरफ से आए थे।

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सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमले की पूरी जानकारी क्या है?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि रविवार, 17 मई 2026 की सुबह तीन ड्रोन सऊदी हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे। ये ड्रोन इराक की दिशा से आ रहे थे जिन्हें सऊदी सुरक्षा सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि सऊदी अरब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी तरह का जवाबी कदम उठाने का अधिकार रखता है।

मिस्र और UAE ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

  • मिस्र का बयान: मिस्र के विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 18 मई 2026 को एक बयान जारी किया। इसमें सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की गई। मिस्र ने कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा उनके अपने राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है।
  • UAE का रुख: UAE के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की। गौरतलब है कि उसी दिन 17 मई को UAE के एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र में भी ड्रोन हमले के कारण आग लग गई थी।
  • राजनयिक चर्चा: सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने रविवार को मिस्र और UAE के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की और इलाके में शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर इस हमले का क्या असर होगा?

मिस्र ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय कानून का ऐसा उल्लंघन पूरे क्षेत्र की स्थिति को और मुश्किल बना सकता है। इससे शांति के लिए किए जा रहे प्रयास धीमे पड़ सकते हैं। सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी सैन्य कदम उठाता रहेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब पर ड्रोन हमला कब और कहां से हुआ?

यह हमला 17 मई 2026 की सुबह हुआ। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीन ड्रोन इराक के हवाई क्षेत्र से सऊदी अरब की सीमा में दाखिल हुए थे।

मिस्र और UAE ने सऊदी अरब का समर्थन क्यों किया?

मिस्र और UAE ने इस हमले की कड़ी निंदा की क्योंकि वे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता को जरूरी मानते हैं। मिस्र ने इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार बताया है।