Saudi Arabia की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए 27 जुलाई 2026 को ड्रोन हमले किए गए। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश के पूर्वी क्षेत्र और राजधानी Riyadh के तेल ठिकानों को निशाना बनाकर कई ड्रोन भेजे गए थे। सऊदी सुरक्षा बलों ने सतर्कता दिखाते हुए इन ड्रोन्स को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, ये हमले Iraq के इलाके से ईरान समर्थित आतंकी गुटों द्वारा किए गए थे।
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क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर हुई बातचीत
इस घटना के बाद सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan bin Abdullah ने स्थिति को लेकर अपने पड़ोसी देशों के साथ चर्चा की। उन्होंने Qatar के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani तथा Kuwait के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah के साथ अलग-अलग फोन कॉल पर बातचीत की। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एकजुट प्रयास करना था।
सऊदी अरब और कतर की कड़ी प्रतिक्रिया
सऊदी विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और साफ कहा कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सऊदी अरब ने यह भी स्पष्ट किया कि Iraq सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए न हो। वहीं, Qatar ने भी इन ड्रोन हमलों की निंदा की है और सभी पक्षों से कूटनीति के जरिए शांति बहाल करने की अपील की है। कतर ने Strait of Hormuz में नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने पर जोर दिया है।
